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चिंताजनक: जैव विविधता पर असर डाल सकता है रूस-यूक्रेन युद्ध, दूसरे देश के किसानों पर बढ़ा अधिक उत्पादन का दबाव

Sat, 09 Mar 2024 06:00 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 09 Mar 2024 06:00 AM IST
सार

शोधकर्ता कहते हैं कि स्थिति ज्यादा खराब होने पर रूस-यूक्रेन से होने वाला फसल निर्यात पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इससे कृषि भूमि में होने वाला विस्तार बढ़कर 2.9 गुना हो जाएगा।

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Russia-Ukraine war can affect biodiversity pressure on farmers to produce more
Genetically Modified crops - फोटो : Istock

विस्तार

रूस-यूक्रेन युद्ध भारत, अमेरिका, ब्राजील, फ्रांस, स्पेन जैसे देशों में भी जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इस चिंता का खुलासा एक अध्ययन में किया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार यह संघर्ष वैश्विक खाद्य प्रणालियों को प्रभावित कर रहा है।

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अध्ययन में सामने आया है कि रूस-यूक्रेन से खाद्य निर्यात बंद होने से अन्य देशों में किसानों पर दबाव बढ़ा है। खाद्य कमी के कारण अन्य देशों में किसानों को बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने कृषि क्षेत्र में विस्तार करना पड़ रहा है और यह प्रक्रिया जंगलों व प्राकृतिक आवासों के विनाश की वजह बन रही है। पर्यावरण अवनमन के कारण जैव विविधता कम हो गई है। जर्नल नेचर सस्टेनेबिलिटी में प्रकाशित यह शोध चीन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, तारिम यूनिवर्सिटी और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है।

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जंगलों के नष्ट होने से प्रतिकूल असर पड़ेगा
जैव विविधता के कारण ही उच्च तापमान, ठंड, सूखा, रोगों और कीटों और परजीवियों के प्रति सहनशीलता बढ़ाकर बदलते पर्यावरण के अनुकूल विकसित करने की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। लेकिन जंगलों और पेड़ों को नष्ट करने से इस पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ेगा।

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तो कृषि भूमि का विस्तार बढ़कर 2.9 गुना हो जाएगा
शोधकर्ता कहते हैं कि स्थिति ज्यादा खराब होने पर रूस-यूक्रेन से होने वाला फसल निर्यात पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इससे कृषि भूमि में होने वाला विस्तार बढ़कर 2.9 गुना हो जाएगा।

इस तरह होगा नुकसान
यदि यूक्रेन से निर्यात में 33.57% की कमी आई, तो इससे कृषि भूमि में 84.8 लाख हेक्टेयर का अतिरिक्त विस्तार हो सकता है। अनुमान है कि इससे भारत, अमेरिका, स्पेन, फ्रांस और ब्राजील जैसे देशों में जैव विविधता को सबसे अधिक नुकसान होगा। अनुमान है कि यदि रूस काला सागर अनाज पहल से अपने हाथ खींच लेता है तो कृषि के लिए भूमि का विस्तार और जैव विविधता को होने वाला नुकसान इसकी तुलना में दोगुना हो जाएगा।

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