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RSS: अरुण ने कहा- इस्लामी शासकों ने मंदिर, विद्यापीठ तोड़े, यूरोपीय हमलावरों ने हिंदू मुक्त बनाने की कोशिश
Sun, 11 Dec 2022 05:53 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sun, 11 Dec 2022 05:53 AM IST
सार
देश इस्लामिक शासन से लड़ने में इसलिए सक्षम रहा, क्योंकि इसके ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार और सामाजिक व्यवस्था बरकरार थी। ईस्ट इंडिया कंपनी, डच, ब्रिटिश व पुर्तगाली ईसाई धर्म प्रचारकों से प्रेरित होकर आए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने शनिवार को कहा, इस्लामी शासकों ने देश में गौरवशाली मंदिरों, विद्यापीठों व सामाजिक मूल्यों को खत्म किया। यूरोपीय शासकों ने राष्ट्रीयता, सामाजिकता खत्म करने के साथ ही देश को हिंदू मुक्त बनाने की कोशिश की।
कुमार ने कहा, आजादी के 75 साल पूरे होने पर पिछले 1,000 साल के स्वतंत्रता संग्राम को याद करने के साथ ही यह जानना महत्वपूर्ण है कि देश इन हमलों से कैसे बचा। वह यहां संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी जे. नंद कुमार की पुस्तक ‘एसडब्ल्यूए : राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए संघर्ष’ का विमोचन कर रहे थे। कहा, देश इस्लामिक शासन से लड़ने में इसलिए सक्षम रहा, क्योंकि इसके ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार और सामाजिक व्यवस्था बरकरार थी। ईस्ट इंडिया कंपनी, डच, ब्रिटिश व पुर्तगाली ईसाई धर्म प्रचारकों से प्रेरित होकर आए। इन्होंने अपना दबदबा कायम करने की कोशिश, लेकिन उन्हें सख्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
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कुमार ने कहा, आजादी के 75 साल पूरे होने पर पिछले 1,000 साल के स्वतंत्रता संग्राम को याद करने के साथ ही यह जानना महत्वपूर्ण है कि देश इन हमलों से कैसे बचा। वह यहां संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी जे. नंद कुमार की पुस्तक ‘एसडब्ल्यूए : राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए संघर्ष’ का विमोचन कर रहे थे। कहा, देश इस्लामिक शासन से लड़ने में इसलिए सक्षम रहा, क्योंकि इसके ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार और सामाजिक व्यवस्था बरकरार थी। ईस्ट इंडिया कंपनी, डच, ब्रिटिश व पुर्तगाली ईसाई धर्म प्रचारकों से प्रेरित होकर आए। इन्होंने अपना दबदबा कायम करने की कोशिश, लेकिन उन्हें सख्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
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