फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RSS plans to celebrate Netajis birthday is to partially exploit his legacy Daughter

Anita Bose Pfaff: नेताजी की बेटी ने की आरएसएस की आलोचना, बोलीं-अलग-अलग छोर पर दोनों की विचारधारा

Sat, 21 Jan 2023 04:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 21 Jan 2023 04:47 PM IST
सार

अनीता बोस फाफ ने कहा, भाजपा और आरएसएस सभी धर्मों का सम्मान करने के विचार को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं, जैसा कि नेता जी ने विचार दिया था। वह एक धर्मनिष्ठ हिंदू थे, लेकिन अन्य धर्मों का सम्मान करने में भरोसा करते थे।

विज्ञापन
RSS plans to celebrate Netajis birthday is to partially exploit his legacy Daughter
अनीता बोस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 23 जनवरी को कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाने की योजना बना रहा है। इस, बीस नेताजी की बेटी अनीता बोस फाफ ने कहा कि यह उनके पिता की विरासत का दोहन करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस की विचारधारा और विचार नेताजी से अलग हैं और मेल नहीं खाते हैं। 

विज्ञापन


विज्ञापन


अनीता बोस ने कहा, 'जहां तक विचारधारा का सवाल है, देश की किसी भी अन्य पार्टी की तुलना में नेताजी की कांग्रेस के साथ बहुत अधिक समानता है।' संघ प्रमुख मोहन भागवत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाने के लिए शहर के शहीद मीनार मैदान में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा, भाजपा और आरएसएस सभी धर्मों का सम्मान करने के विचार को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं, जैसा कि नेता जी ने विचार दिया था। वह एक धर्मनिष्ठ हिंदू थे, लेकिन अन्य धर्मों का सम्मान करने में भरोसा करते थे। अनीता बोस ने कहा कि वह (नेताजी) विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने के पक्ष में थे। उन्होंने कहा, जरूरी नहीं कि आरएसएस और भाजपा इस रवैये को प्रतिबिंबित करें। आप दक्षिणपंथी का लेबल लगाना चाहते हैं और नेताजी वामपंथी थे। 


जर्मनी में रह रहीं अनीता बोस ने फोन पर बातचीत में कहा, मैंने आरएसएस की विचारधारा के बारे में जो सुना है, उससे मैं सहमत हूं कि यह और नेताजी की विचारधारा अलग-अलग ध्रुव पर हैं। दो मूल्य प्रणालियां (वैल्यू सिस्टम) मेल नहीं खाती हैं। अगर आरएसएस नेताजी के आदर्शों और विचारों को अपनाना चाहता है तो यह अच्छा है। अलग-अलग समूह नेताजी का जन्मदिन अलग-अलग तरीकों से मनाना चाहते हैं और उनमें से कई उनके विचारों से सहमत हैं।  

अनीता ने इस बात पर भी सहमति जताई कि उनके पिता की जयंती मनाने की धूम उनकी विरासत का फायदा उठाने के लिए है। यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पिता आरएसएस के आलोचक थे, उन्होंने कहा, मैं (नेताजी का) कोई उद्धरण नहीं जानती जो मैं आपको दे सकूं। हो सकता है कि उन्होंने आरएसएस के सदस्यों के बारे में आलोचनात्मक बयान दिए हों। हालांकि, उन्होंने नेताजी की जयंती को धूमधाम से मनाने के केंद्र सरकार के फैसले की सराहना की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed