राम मंदिर केवल धार्मिक मामला नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति से जुड़ा है : आरएसएस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संयुक्त महासचिव ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को केवल धार्मिक मामला न बताते हुए भारत की संस्कृति से जुड़ा हुआ मसला बताया। बता दें कि पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन होना है और कोरोना महामारी के चलते कई राजनीतिक दल सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा चुके हैं।
संंघ के संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण केवल धार्मिक मामला नहीं है, यह भारत की समृद्ध संस्कृति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जो मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं, वो इसके लिए अक्सर धर्मनिरपेक्षता के बहाने का सहारा लेते हैं लेकिन इसके बारे में कुछ नहीं जानते हैं।
The construction of Ram temple in Ayodhya is not just a religious affair, it's associated with the rich culture of India. Those who oppose its construction often do it under the pretext of secularism but don't know anything about it: Dattatreya Hosabale, Joint Gen. Secretary, RSS https://t.co/0vmlHFeUkS
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 31, 2020
होसबोले ने कहा कि सरकार का राम मंदिर के साथ जो संबंध है वह केवल कानूनी या प्रशासनिक संबंध नहीं है। जनता की प्रतिनिधि होने के नाते सरकार की कुछ सांस्कृतिक जिम्मेदारियां हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राम मंदिर का निर्माण सरकार की उन्हीं सांस्कृतिक जिम्मेदारियों में से एक है।
बता दें कि पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन होने जा रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यहां पहुंच रहे हैं। तमाम साधु-संतों के अलावा उप्र सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।