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RSS: 'जाति जनगणना से आखिर हासिल क्या होगा? हम इसके पक्ष में नहीं', आरएसएस नेता श्रीधर गाडगे ने उठाए सवाल

Tue, 19 Dec 2023 05:25 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर Published by: आदर्श शर्मा Updated Tue, 19 Dec 2023 05:25 PM IST
सार

विदर्भ सह संघचालक गाडगे ने कहा कि जाति जनगणना समाज के हित में नहीं, इसका आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं। हम जाति जनगणना के पक्ष में ही नहीं है। गौरतलब है कि कांग्रेस देशव्यापी जातीय जनगणना के पक्ष में हैं।

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RSS functionary opposes caste-based census, asks what will be achieved by it
RSS - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जाति जनगणना को लेकर आरएसएस पदाधिकारी श्रीधर गाडगे ने बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करत हुए श्रीधर गाडगे ने कहा कि जाति आधारित जनगणना होनी ही नहीं चाहिए। साथ ही सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा का कि मुझे समझ नहीं आता है कि इससे हासिल क्या होगा। विदर्भ सह संघचालक गाडगे ने कहा कि इसकी आड़ में कुछ लोगों का राजनीतिक फायदा हो सकता है क्योंकि उन्हें इससे आंकड़ें मिल जाएंगे कि किस जाति के कितनी आबादी है। इस तरह की जाति जनगठना समाज, राष्ट्रीय एकता के लिए अभिशाप है। गौरतलब है कि कांग्रेस देशव्यापी जातीय जनगणना के पक्ष में हैं। 
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'जाति जनगणना का आरक्षण से कोई संबंध नहीं'
जाति जनगणना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा स्पष्ट रूख रहा है कि हम कोई असमानता, शत्रुता, झगड़ा नहीं चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना का आरक्षण से कोई संबंध नहीं है। आरक्षण एक अलग चीज है। आरक्षण सामाजिक उत्थान के लिए दिया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्ण सामाजिक उत्थान होने तक आरक्षण जारी रहेगा, क्योंकि सभी समुदायों ने अभी तक प्रगति नहीं की है। 
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अंतिम व्यक्ति की प्रगति तक आरक्षण रहेगा जारी- गाडगे
गाडगे ने कहा, आरएसएस का स्पष्ट रुख है और प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति की प्रगति नहीं हो जाती, तब तक आरक्षण जारी रहेगा। यह एक सामाजिक व्यवस्था है, लेकिन इसका जाति आधारित जनगणना से कोई संबंध नहीं है। बता दें महाराष्ट्र में भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के मंत्रियों और विधायकों ने मंगलवार को रेश्मिमबाग में आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार और दूसरे 'सरसंघचालक' एमएस गोलवलकर के स्मारक का दौरा किया।
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वहीं एक सभा को संबोधित करते हुए, गाडगे ने 'पंच परिवर्तन' का जिक्र करते हुए कहा कि जाति आधारित असमानता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने देश में परिवार व्यवस्था को मजबूत करने, पर्यावरण संतुलन और देश को आत्मनिर्भर बनाने की भी बात कही है। 
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