{"_id":"640139c761d2c8303404a2c4","slug":"rss-chief-mohan-bhagwat-said-that-some-selfish-people-deliberately-added-wrong-facts-to-the-ancient-texts-2023-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagpur: भागवत ने कहा- कुछ स्वार्थी लोगों ने प्राचीन ग्रंथों में गलत तथ्य जोड़े, पारंपरिक ज्ञान की हो जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Nagpur: भागवत ने कहा- कुछ स्वार्थी लोगों ने प्राचीन ग्रंथों में गलत तथ्य जोड़े, पारंपरिक ज्ञान की हो जानकारी
Fri, 03 Mar 2023 05:35 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 03 Mar 2023 05:35 AM IST
सार
भागवत ने यहां आर्यभट्ट खगोल उद्यान के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि सभी भारतीयों को देश के पारंपरिक ज्ञान के बारे में जानकारी होनी चाहिए कि उस ज्ञान को हमने कैसे लोगों से सामान्य संवाद और शिक्षा प्रणाली के जरिये प्राप्त किया था।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत के पास पारंपरिक ज्ञान का विशाल भंडार है। कुछ स्वार्थी लोगों ने प्राचीन ग्रंथों में जानबूझ कर गलत तथ्य जोड़े हैं, जबकि कुछ ग्रंथ गुम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जो चीजें पहले छूट गई थीं, उन्हें नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किए गए सिलेबस में जोड़ा गया है।
भागवत ने यहां आर्यभट्ट खगोल उद्यान के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि सभी भारतीयों को देश के पारंपरिक ज्ञान के बारे में जानकारी होनी चाहिए कि उस ज्ञान को हमने कैसे लोगों से सामान्य संवाद और शिक्षा प्रणाली के जरिये प्राप्त किया था। संघ प्रमुख ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से भारत के पास चीजों को देखने का नजरिया वैज्ञानिक था, लेकिन विदेशी आक्रमण के साथ ही हमारा तंत्र और ज्ञान की संस्कृति खंडित हो गई। उन्होंने कहा कि यदि भारत के लोग मौजूदा दौर में भी स्वीकार्य अपने पारंपरिक ज्ञान के आधार का पता लगा लेते, तो दुनिया की कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता था। एजेंसी
सभी तक ज्ञान की पहुंच हो
भागवत ने योग की जन्मस्थली होने का दावा करने वाले कुछ देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि बाहर की दुनिया ज्ञान पर अपना हक जताती है और उस पर मालिकाना हक हासिल करने के लिए पेटेंट भी दायर किया जा रहा है। भागवत ने कहा, विवेकशील व्यक्ति को ही ज्ञान दिया जाना चाहिए। ज्ञान की पहुंच सभी तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हमें कम से कम यह जानना चाहिए कि हमारी परंपराओं में क्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भागवत ने यहां आर्यभट्ट खगोल उद्यान के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि सभी भारतीयों को देश के पारंपरिक ज्ञान के बारे में जानकारी होनी चाहिए कि उस ज्ञान को हमने कैसे लोगों से सामान्य संवाद और शिक्षा प्रणाली के जरिये प्राप्त किया था। संघ प्रमुख ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से भारत के पास चीजों को देखने का नजरिया वैज्ञानिक था, लेकिन विदेशी आक्रमण के साथ ही हमारा तंत्र और ज्ञान की संस्कृति खंडित हो गई। उन्होंने कहा कि यदि भारत के लोग मौजूदा दौर में भी स्वीकार्य अपने पारंपरिक ज्ञान के आधार का पता लगा लेते, तो दुनिया की कई समस्याओं का समाधान किया जा सकता था। एजेंसी
विज्ञापन
सभी तक ज्ञान की पहुंच हो
भागवत ने योग की जन्मस्थली होने का दावा करने वाले कुछ देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि बाहर की दुनिया ज्ञान पर अपना हक जताती है और उस पर मालिकाना हक हासिल करने के लिए पेटेंट भी दायर किया जा रहा है। भागवत ने कहा, विवेकशील व्यक्ति को ही ज्ञान दिया जाना चाहिए। ज्ञान की पहुंच सभी तक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हमें कम से कम यह जानना चाहिए कि हमारी परंपराओं में क्या है।
विज्ञापन