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सरकारी खातों में ₹645 करोड़ का गबन: कई ज्वैलर्स के खातों में क्यों जमा कराया पैसा? 14 जगहों पर रेड
Fri, 02 Oct 2026 06:57 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 02 Oct 2026 06:57 PM IST
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ED ने दो ठिकानों पर मारी रेड
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ ज़ोनल ऑफ़िस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और दूसरे सरकारी खातों के ₹645 करोड़ के सरकारी फंड के कथित गबन से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई है।
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ईडी की जांच हरियाणा पुलिस द्वारा फरवरी 2026 में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। यह एफआईआर हरियाणा के डेवलपमेंट और पंचायत डिपार्टमेंट के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में मौजूद बैंक खातों के बैलेंस में गड़बड़ी से जुड़ी थी। तलाशी अभियान में कई ज्वैलर्स और उनसे जुड़ी कंपनियों को शामिल किया गया, जिनमें मलिक ज्वैलर्स, केएलजी ज्वेल्स और उससे जुड़ी कंपनियां, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, श्याम ज्वैलर्स और सुंदर ज्वैलर्स शामिल हैं। इनके अलावा गौरव कंसल के यहां भी तलाशी ली गई, जिन पर अपराध से हुई कमाई को इधर-उधर करने और उसकी लेयरिंग करने में बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है।
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जांच से पता चला है कि गबन किए गए सरकारी पैसे को अलग-अलग ज्वैलर्स के बैंक खातों के ज़रिए घुमाया गया। इसका मकसद पैसे को बिज़नेस ट्रांज़ैक्शन के तौर पर दिखाना था। ये ट्रांजैक्शन आरोपियों की मिलीभगत से किए गए थे ताकि अपराध से मिली रकम को सही पैसा दिखाया जा सके। मलिक ज्वैलर्स, केएलजी ग्रुप (केएलजी ज्वेल्स, केएलजी इंफ्रा और केएलजी एंड कंपनी), एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, श्याम ज्वैलर्स और सुंदर ज्वैलर्स को कथित तौर पर क्रमशः ₹58 करोड़, ₹26 करोड़, ₹5 करोड़, ₹3.66 करोड़ और ₹3.15 करोड़ (लगभग) मिले। ये पैसे बीच की उन शेल कंपनियों से आए थे, जिन्हें कथित तौर पर इस मामले के मास्टरमाइंड रिभव ऋषि ने बनाया था।
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ये ज्वैलर्स हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ यूटी प्रशासन के अलग-अलग विभागों के बैंक खातों से अपराध के ज़रिए मिली रकम को लॉन्डर करने (काला धन सफेद करने) में शामिल थे। ज्वैलर्स ने इस रकम को लॉन्डर किया, जो आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी में शामिल आरोपी आईएएस अधिकारियों और दूसरे सरकारी कर्मचारियों तक पहुँची। इस मामले में, सीबीआई ने पंचकूला की स्पेशल कोर्ट में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में हरियाणा-कैडर के छह आईएएस अधिकारियों और दूसरे सरकारी कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
तलाशी की कार्रवाई में ₹4.30 करोड़ नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही ज्वैलर्स और उनसे जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों में मौजूद लगभग ₹22 करोड़ की राशि को फ़्रीज़ कर दिया गया। इसके अलावा, तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत भी बरामद और ज़ब्त किए गए। इससे पहले, उक्त मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल चार आरोपियों को गिरफ़्तार किया था। एजेंसी ने जांच के सिलसिले में लगभग ₹211 करोड़ की चल और अचल संपत्ति को अटैच, ज़ब्त और फ़्रीज़ भी किया है। ईडी ने पंचकूला की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में 14 आरोपियों के ख़िलाफ़ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (अभियोजन शिकायत) भी दायर की है।