मनरेगा को 6,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए सरकार ने 6,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटन कर दिए। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2018-19 में मनरेगा के लिए 61,084 करोड़ रुपये आवंटित हो गए, जो किसी भी वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा है। हाल में देश के 90 सांसदों समेत समाज के हर तबके से जुड़े 250 लोगों ने प्रधानमंत्री को मनरेगा के फंड में किल्लत पर चिंता जताते हुए पत्र लिखा था। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि सरकार ने मनरेगा के लिए अतिरिक्त 6,084 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2018-19 के लिए कुल 61,084 करोड़ रुपये हो गया।
पिछले चार साल में सरकार ने गरीबों के लिए मनरेगा को स्थायी आजीविका संसाधन में बदलने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक साल 2014-15 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद 29.94 लाख कार्य पूरे हुए थे, जो अब बढ़कर 61.9 लाख पहुंच गए हैं। वहीं, साल 2014-15 के दौरान 26.85 फीसदी लाभार्थियों को 15 दिन के भीतर भुगतान हुआ था। यह आंकड़ा अब बढ़कर 91.82 फीसदी पर पहुंच गया है।
1 जनवरी तक हो चुका था 99 फीसदी फंड का इस्तेमाल
साल 2014-15 के दौरान योजना के लिए 37,588 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। वहीं, इस बार वित्तीय वर्ष के खत्म होने के तीन महीने पहले ही 1 जनवरी को 99 फीसदी फंड का इस्तेमाल हो चुका था। इसी को देखते हुए 250 जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर योजना को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम करने का आग्रह किया था।