Rohingya row: रोहिंग्या मुसलमानों का हितैषी कौन? भाजपा और आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर हैं आमने-सामने
Rohingya row: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की अनुमति के बिना राजधानी में अवैध घुसपैठियों को रहने दिया जा रहा है। इसे एक साजिश बताते हुए उन्होंने जांच की मांग की...
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ट्वीट के बाद उपजे विवाद को गृह मंत्रालय ने यह कहकर शांत करने की कोशिश की थी कि सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को आवास देने की कोई योजना नहीं बना रही है। लेकिन इस स्पष्टीकरण के बाद भी रोहिंग्या मुसलमानों पर राजनीति जारी है। गुरुवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार रोहिंग्याओं पर अपनी नीति स्पष्ट करे। रोहिंग्याओं को दिल्ली की शांति-सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि दिल्ली सरकार की अनुमति के बिना यहां पर अवैध घुसपैठियों को कैसे रहने दिया जा रहा है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है।
वहीं, भाजपा ने भी इस पर पलटवार किया है। भाजपा ने दिल्ली सरकार के हाईकोर्ट में दिए हलफनामे के आधार पर आरोप लगाया है कि वह स्वयं दिल्ली में घुसपैठियों को पालने-पोसने का काम कर रही थी और अब वह इससे पीछे हटना चाहती है। भाजपा ने इस संदर्भ में दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किए गए उस हलफनामे की फाइल भी सार्वजनिक किया है, जिसमें सरकार ने रोहिंग्या परिवारों को पर्याप्त राशन-दवाइयां उपलब्ध कराने का दावा किया था।
दिल्ली में बिना अनुमति के अवैध घुसपैठिये
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की अनुमति के बिना राजधानी में अवैध घुसपैठियों को रहने दिया जा रहा है। इसे एक साजिश बताते हुए उन्होंने जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को घर देने के पक्ष में नहीं है, तो केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने किसकी सहमति से इस बात की घोषणा कर दी कि सरकार रोहिंग्याओं को आवास देने जा रही है। उन्होंने इसे बड़ा एतिहासिक निर्णय क्यों बताया। सिसोदिया ने इसे एक साजिश बताते हुए इस मामले की जांच की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार को अंधेरे में रखकर राजधानी में रोहिंग्याओं को बसाने की साजिश की जा रही है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली सरकार राजधानी में रोहिंग्याओं को किसी भी तरह का कोई अस्थाई या स्थाई आवास दिए जाने के खिलाफ है। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र से भी अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
सिसोदिया ने कहा कि रोहिंग्याओं को फ्लैट्स देने के मसले पर 29 जुलाई, 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मीटिंग हुई थी। मीटिंग में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी शामिल रहे थे, लेकिन दिल्ली की चुनी हुई सरकार को इस बैठक की कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने इसे एक चुनी हुई सरकार के खिलाफ की गई साजिश बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णय को दिल्ली के गृहमंत्री या मुख्यमंत्री की जानकारी में लाए बिना, केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी के लिए मुख्य सचिव द्वारा उपराज्यपाल के पास फाइल भेजी जा रही थी। ऐसा क्यों किया जा रहा था, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
भाजपा बोल- दिल्ली सरकार का डबल स्टैंडर्ड
वहीं, भाजपा ने दिल्ली सरकार पर एक संवेदनशील मामले पर डबल स्टैंडर्ड पैमाना अपनाने का आरोप लगाया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा देकर यह स्पष्ट किया था कि सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को पूरा राशन और दवाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने पूछा है कि क्या मनीष सिसोदिया को राशन देते समय यह पता नहीं था कि वे यह राशन किसे उपलब्ध करा रहे हैं?
भाजपा ने आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान के उस वीडियो को भी शेयर कर कहा है कि आम आदमी पार्टी का एक विधायक अवैध घुसपैठियों को राशन, पानी के साथ-साथ नकदी भी उपलब्ध करा रहा था। दिल्ली सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जब उसका एक विधायक इस तरह का काम कर रहा था तो क्या उसे इसकी जानकारी नहीं थी। यह मामला मीडिया में सामने आया था और उस समय आम आदमी पार्टी ने इसका बचाव किया था।