राहुल गांधी के समर्थन में आए रॉबर्ट वाड्रा, कहा- जनसेवा किसी पदवी की मोहताज नहीं होती
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कांग्रेस पार्टी संक्रमण काल से गुजर रही है। राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस लेने से भी साफ मना कर दिया है। अहम सवाल यह भी है कि कांग्रेस पार्टी को कौन चला रहा है। ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना कि पार्टी को 'जल्द से जल्द' नए अध्यक्ष पर निर्णय ले लेना चाहिए। पार्टी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि किसी ऐसी शख्सियत को कांग्रेस अध्यक्ष पद दिया जाना चाहिए जो पार्टी में नई ऊर्जा भर पार्टी को ‘मजबूत’ कर सके। इन सबके बीच राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा ने सोशल मीडिया फेसबुक पर संदेश लिखकर राहुल गांधी की तारीफ की है और उनपर विश्वास जताया है।
रॉबर्ट वाड्रा ने लिखा, "राहुल, मुझे आपसे सीखने को बहुत कुछ मिला है। हमारे देश में लगभग 65 प्रतिशत युवा (45 साल से कम उम्र के) हैं, जो आपके मार्गदर्शन में विश्वास रखते हैं।'
"आपने अपने बेहद साहसिक और दृढ़ संकल्पित व्यक्तित्व का परिचय दिया है। आपका जमीनी स्तर पर काम करने का और देश की जनता से और करीबी से जुड़ने का निश्चय बहुत ही सराहनीय है। आपके इस कदम में मैं आपके साथ हूं क्योंकि जनसेवा किसी पदवी की मोहताज नहीं होती।'
सिंधिया और प्रियंका ने भी की तारीफ
रॉबर्ट वाड्रा ऐसे वक्त पर राहुल गांधी के समर्थन में सामने आए हैं जब कांग्रेस पार्टी को बतौर अध्यक्ष राहुल गांधी के विकल्प की तलाश है। राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस पार्टी में हर स्तर के नेता उन्हें मनाने में जुटे हैं ताकि राहुल अपना इस्तीफा वापस ले लें। लेकिन राहुल अपनी अपने फैसले पर कायम हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "यह कांग्रेस के लिए एक गंभीर समय है। राहुल गांधी जी को मनाने के सभी प्रयास विफल हो गए हैं, लेकिन जब वह निर्णय लेते हैं, तो उस पर कायम रहते हैं और मुझे उन पर गर्व है।'
राहुल के इस्तीफे पर उनकी बहन प्रियंका गांधी ने कहा, "बहुत कम लोगों के पास इतना साहस होता है कि वे ऐसे फैसले ले सकें। आपके निर्णय पर मैं दिल से गहरा सम्मान व्यक्त करती हूं।"