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Bihar Election: आरके सिंह के जाने से भाजपा को बड़ा नुकसान नहीं, योगी-रूड़ी ठाकुरों की पहचान

Thu, 25 Sep 2025 04:35 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 25 Sep 2025 04:35 PM IST
सार

RK Singh: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने पार्टी पर राजपूतों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नई पार्टी बनाने का एलान कर दिया है। इसे भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

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RK Singh's leaving party will not cause much loss to the BJP but Yogi and Rudy Thakur are recognized.
पूर्व केंद्रीय मंत्री आर के सिंह - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

आरा से भाजपा के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने पार्टी पर राजपूतों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नई पार्टी बनाने का एलान कर दिया है। इसे भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बिहार में 3.45 प्रतिशत के करीब राजपूत मतदाता हैं और इस समय की राजनीति में वे भाजपा के कोर वोटर वर्ग की तरह देखे जाते हैं। ऐसे में यदि आरके सिंह फैक्टर के कारण राजपूत मतदाताओं का मन बदलता है तो इससे भाजपा को बड़ा नुकसान हो सकता है। 

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लेकिन खुद भाजपा का मानना है कि आरके सिंह बिहार में राजपूत समाज के बड़े नेता के तौर पर नहीं देखे जाते हैं। अपने लोकसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में उनकी हार का सबसे बड़ा कारण भी यही रहा था कि वे अपने क्षेत्र में जनता के बीच उपस्थित नहीं रहते थे और जनता से उनका कोई कनेक्ट नहीं रहा था। ऐसे में उनके बगावती होने या नई पार्टी बनाने से भी पार्टी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। 
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योगी आदित्यनाथ और राजीव प्रताप रूड़ी राजपूतों के बड़े नेता
बिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को इस समय राजपूत समाज का सबसे बड़ा नेता कहा जा सकता है। जनता के बीच उनकी उपलब्धता उनकी  लोकप्रियता का बड़ा कारण है। बिहार के राजपूत उन्हें अपने नेता के तौर पर भी देखते हैं। लेकिन राजपूतों के संदर्भ में योगी आदित्यनाथ भाजपा के सबसे बड़े ट्रंप कार्ड हैं। बिहार का ठाकुर समुदाय भी उन्हें अपने से जोड़कर देखता है और उनकी राजनीति को बड़े गर्व के साथ देखता है। 
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भाजपा का मानना है कि यदि आरके सिंह के कारण थोड़ी-बहुत नाराजगी पैदा भी हुई तो जैसे ही योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार में उतरेंगे, पूरा माहौल भाजपा के पक्ष में आ जाएगा। इस तरह भाजपा का अनुमान है कि यदि आरके सिंह बगावती होकर राष्ट्रीय जनता दल में जाने या नई पार्टी बनाने की ओर बढ़ते हैं तो भी उसको कोई नुकसान नहीं होगा। 

'मनाने की कोशिश भी होगी'
बिहार भाजपा के एक नेता ने अमर उजाला से कहा कि आरके सिंह ने अभी तक जिस तरह की बातें कही हैं, उससे यह साफ है कि उनकी नाराजगी पार्टी के ही कुछ नेताओं को लेकर ज्यादा है। पार्टी से उनकी नाराजगी बहुत अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि आरके सिंह को मनाने का प्रयास किया जाएगा। लेकिन यदि आरके सिंह भाजपा छोड़ने के विकल्प पर ही टिके रहते हैं तो भी इससे पार्टी को बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा। 

उन्होंने कहा कि भाजपा का मतदाता केवल जाति या चेहरे पर पार्टी को वोट नहीं देता है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कल्याणकारी कार्यों, भाजपा की राष्ट्रवादी नीतियों और देश प्रथम की भावना के कारण वोट देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में आरके सिंह के बाहर जाने से भी पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।    

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बिहार में ठाकुरों की सियासत
बिहार में 2014 के पहले की राजनीति में राजपूत समुदाय ज्यादातर लालू यादव के साथ जुड़ा था। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव और 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव से राजपूत समुदाय का सबसे ज्यादा वर्ग भाजपा के साथ आ गया। तब से यह भाजपा का कोर वोटर वर्ग बना हुआ है। 2015 में बिहार में राजपूत समुदाय से 20 विधायक बने थे। 2020 के चुनाव में 28 राजपूत विधायक बने थे। 


पिछले विधानसभा चुनाव (2020) में भाजपा ने 21 राजपूत प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। इसमें से 15 प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई थी, जबकि शेष कड़े मुकाबले में बेहद कम वोटों के अंतर से हार गए थे। जदयू ने भी सात राजपूत प्रत्याशियों को टिकट दिया था, लेकिन इसमें से केवल दो ही जीत हासिल कर पाए। जदयू को चिराग पासवान की राजनीति से बड़ा नुकसान हुआ था। हालांकि, इस बार चिराग पासवान के भाजपा के साथ होने के कारण स्थिति बदली हुई है। पूरे एनडीए कुनबे की बात करें तो एनडीए गठबंधन ने 2020 में कुल 29 राजपूत प्रत्याशियों को टिकट दिया जिसमें 19 को सफलता मिली और वे विधायक बनने में सफल रहे।

एनडीए के 29 के मुकाबले कांग्रेस-राजद महागठबंधन ने 18 राजपूतों को टिकट दिया था। राजद के आठ राजपूत प्रत्याशियों में सात ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस के दस राजपूत प्रत्याशियों में केवल एक ही प्रत्याशी को जीत हासिल हुई।  

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