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RJD: अगले विस चुनावों तक राजद का राज्यसभा में नहीं होगा प्रतिनिधित्व, बदल जाएगी पूरी तस्वीर
Sun, 16 Nov 2025 04:34 AM IST
लव गौर
एजेंसी
एजेंसी
Published by: लव गौर
Updated Sun, 16 Nov 2025 04:34 AM IST
सार
बिहार से कुल 16 राज्यसभा सीटों में से, राजद के पास वर्तमान में राज्यसभा में पांच और कांग्रेस के पास एक सीट है।
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लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव
- फोटो : ani
विस्तार
बिहार विधानसभा चुनावों में राजग की शानदार जीत आने वाले वर्षों में राज्य से सभी राज्यसभा सीटें जीतने में उसकी मदद करेगी, जबकि अगले विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का उच्च सदन में कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा।
बिहार से कुल 16 राज्यसभा सीटों में से, राजद के पास वर्तमान में राज्यसभा में पांच और कांग्रेस के पास एक सीट है। अगले साल की शुरुआत में होने वाले राज्यसभा चुनावों के साथ, जब राजद के दो सांसदों प्रेम चंद गुप्ता और एडी सिंह का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। संख्या बल राजग के पक्ष में है, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन इन सीटों पर कब्जा कर सकता है।
राजग सदस्यों हरिवंश, राम नाथ ठाकुर (दोनों जदयू) और उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) का कार्यकाल भी 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार से पांच सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव (राज्यसभा के लिए) के अगले दौर में एक सीट जीतने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 42 वोटों की आवश्यकता होती है।
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अगले वर्ष पांच सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होगा
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में महागठबंधन के पास कुल 35 सीटें हैं। इनमें 25 सीटें जीतने वाली राजद, छह सीटें जीतने वाली कांग्रेस, दो सीटें भाकपा-माले, एक माकपा और एक भारतीय समावेशी पार्टी (आईआईपी) की हैं। अगला चुनाव 2028 की शुरुआत में होगा, जब राजद के फैयाज अहमद, भाजपा के सतीश चंद्र दुबे, मनन कुमार मिश्रा और संभू शरण पटेल और जदयू के खीरू महतो का कार्यकाल 7 जुलाई 2028 को समाप्त होगा।
ये भी पढ़ें: Bihar Election Result: वरदान नहीं, अभिशाप साबित हुई महागठबंधन की वोट अधिकार यात्रा, मतदाताओं को नहीं लुभा सकी
इसके बाद, राज्य से राज्यसभा चुनाव 2030 की शुरुआत में होने हैं, जब धर्मशीला गुप्ता, भीम सिंह (दोनों भाजपा) और जदयू के संजय कुमार झा, साथ ही मनोज कुमार झा और संजय यादव (दोनों राजद) और कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह का कार्यकाल 2 अप्रैल, 2030 को समाप्त होगा। विपक्षी दलों के पास इन सीटों को जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है। इससे उच्च सदन में राजग की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी, जहां भाजपा के पास अभी भी अपना बहुमत नहीं है।
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बिहार से कुल 16 राज्यसभा सीटों में से, राजद के पास वर्तमान में राज्यसभा में पांच और कांग्रेस के पास एक सीट है। अगले साल की शुरुआत में होने वाले राज्यसभा चुनावों के साथ, जब राजद के दो सांसदों प्रेम चंद गुप्ता और एडी सिंह का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। संख्या बल राजग के पक्ष में है, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन इन सीटों पर कब्जा कर सकता है।
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राजग सदस्यों हरिवंश, राम नाथ ठाकुर (दोनों जदयू) और उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) का कार्यकाल भी 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार से पांच सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव (राज्यसभा के लिए) के अगले दौर में एक सीट जीतने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 42 वोटों की आवश्यकता होती है।
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अगले वर्ष पांच सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होगा
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में महागठबंधन के पास कुल 35 सीटें हैं। इनमें 25 सीटें जीतने वाली राजद, छह सीटें जीतने वाली कांग्रेस, दो सीटें भाकपा-माले, एक माकपा और एक भारतीय समावेशी पार्टी (आईआईपी) की हैं। अगला चुनाव 2028 की शुरुआत में होगा, जब राजद के फैयाज अहमद, भाजपा के सतीश चंद्र दुबे, मनन कुमार मिश्रा और संभू शरण पटेल और जदयू के खीरू महतो का कार्यकाल 7 जुलाई 2028 को समाप्त होगा।
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इसके बाद, राज्य से राज्यसभा चुनाव 2030 की शुरुआत में होने हैं, जब धर्मशीला गुप्ता, भीम सिंह (दोनों भाजपा) और जदयू के संजय कुमार झा, साथ ही मनोज कुमार झा और संजय यादव (दोनों राजद) और कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह का कार्यकाल 2 अप्रैल, 2030 को समाप्त होगा। विपक्षी दलों के पास इन सीटों को जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है। इससे उच्च सदन में राजग की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी, जहां भाजपा के पास अभी भी अपना बहुमत नहीं है।