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Sharad Pawar: 'नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे हमले'; नेहरू पर PM के बयान को लेकर पवार ने कही यह बात
Tue, 13 Feb 2024 02:35 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 13 Feb 2024 02:35 AM IST
सार
पवार ने कहा कि संसद में पीएम मोदी की टिप्पणियां सतही और तुच्छ थीं। उन्होंने देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर पर मोदी के हमलों की भी निंदा की।
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शरद पवार
- फोटो : ANI
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विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सोमवार को ठाणे जिले के उल्हासनगर में 'एल्गार परिषद' की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान में निहित नागरिकों के अधिकारों पर हमला हो रहा है। यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है।
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पवार ने कहा कि संसद में पीएम मोदी की टिप्पणियां सतही और तुच्छ थीं। उन्होंने देश के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और संविधान निर्माता बाबासाहेब अंबेडकर पर मोदी के
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शरद पवार ने दावा करते हुए कहा, 'दो दिन पहले संसद में हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुना। पूरे भाषण में उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की आलोचना की और उन पर हमला किया, जिन्होंने आजादी से पहले छह से सात साल जेल में बिताए थे। यह हमला उस व्यक्ति की नीतियों और निर्णयों पर किया गया, जिसने आजादी के बाद डॉ. अम्बेडकर को साथ लिया और एक लोकतांत्रिक देश का निर्माण किया'।
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मौलिक अधिकारों का संरक्षण जरूरी
पवार ने कहा, 'पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे कुछ देशों में जो स्थिति बनी हुई है, उससे बचने के लिए यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जिस संविधान ने हमें मौलिक अधिकार दिए हैं, उसका संरक्षण किया जाए।'
शरद पवार ने आगे बताया कि इस तरह के हमले केवल व्यक्तियों पर केंद्रित नहीं हैं, बल्कि इन दिग्गजों द्वारा निर्धारित मूलभूत मूल्यों और सिद्धांतों पर व्यापक हमले का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने किसानों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर बढ़ते हमलों का भी जिक्र किया और शिक्षा में निजीकरण के खतरों के प्रति आगाह किया।
पवार ने पिछले हफ्ते पुणे में पत्रकार निखिल वागले पर कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले की निंदा की और कहा कि आवाज उठाने वालों को बंद करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है।