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Pollution: ईंट भट्ठों के साथ स्टोन क्रशर इकाइयों के संचालन पर प्रतिबंध, सीपीसीबी के नए दिशा-निर्देश

Sun, 28 May 2023 06:42 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sun, 28 May 2023 06:42 AM IST
सार

दिशा-निर्देश विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (सीएसई) की ओर से की गई सिफारिशों के अनुरूप हैं। केंद्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) स्टोन क्रशिंग इकाइयों से वायु प्रदूषण से निपटने के लिए रूप रेखा तैयार करता है।

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Restriction on operation of stone crusher units along with brick kilns
स्टोन क्रशर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्टोन क्रशर क्षेत्र खतरनाक धूल उत्सर्जन और गंभीर वायु प्रदूषण का कारण बनता है। पर्यावरण-प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के क्रियान्वयन के तहत ईंट भट्ठों और गर्म मिश्रण संयंत्रों के साथ स्टोन क्रशर इकाइयों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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यह दिशा-निर्देश विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (सीएसई) की ओर से की गई सिफारिशों के अनुरूप हैं। केंद्रीय पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) स्टोन क्रशिंग इकाइयों से वायु प्रदूषण से निपटने के लिए रूप रेखा तैयार करता है। सीपीसीबी के दिशा निर्देशों में स्टोन क्रशिंग इकाइयों में वायु प्रदूषण नियंत्रण के समान्य उपाय भी शामिल हैं। हांलाकि दिशा-निर्देशों में इन इकाइयों द्वारा संसाधन से अधिक उपयोग को रोकने के लिए पानी की खपत की सीमा का उल्लेख नहीं है। सीपीसीबी के दिशा निर्देश स्टोन क्रशर को स्थापित करने या संचालित करने की सहमति के बिना काम करने से रोकेंगे, क्योंकि देश में सैकड़ों स्टोन क्रशर अवैध रूप से संचालित हैं। इनकी निगरानी व औचक निरीक्षण करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट/जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति गठित करने की सिफारिश की गई है। 
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श्रमिकों का होगा अर्धवार्षिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण
सीपीसीबी ने स्टोन क्रशिंग यूनिट में कार्यरत श्रमिकों के अर्धवार्षिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण का प्रावधान भी किया है। क्रशर यूनिट से फैलने वाले प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित इन इकाइयों में काम करने वाले मजदूर हैं। पर्यावरणविद और चिकित्सकों के अनुसार क्रशर यूनिट में काम करने वाले मजदूरों और आस-पास रहने वाले लोग फेफड़े की बीमारी और टीवी की चपेट में आ जाते हैं।
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