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लॉकडाउन नहीं होता तो करीब 3 लाख लोग हो सकते थे संक्रमित, वैज्ञानिक बोले-संक्रमण रोकने में मिल रही मदद
Thu, 02 Apr 2020 04:41 PM IST
अमित कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Thu, 02 Apr 2020 04:41 PM IST
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लॉकडाउन
- फोटो : amar ujala
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देश में घोषित 21 दिनों के लॉकडाउन से भले ही आम लोगों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन कोरोना वायरस को हराने में सबसे ज्यादा अहम है कि हम अपने घरों में ही बने रहें। वैज्ञानिकों ने भी माना है कि लॉकडाउन से संक्रमण को रोकने में मदद मिल रही है।
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एक शोध के मुताबिक लॉकडाउन के 20वें दिन तक कोरोना वायरस के संभावित मामलों में 83 फीसदी तक कमी आ सकती है। यूपी के शिव नादर विश्वविद्यालय के इस अध्ययन से इस वायरस से लड़ने को लेकर उम्मीद जगी है।
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अध्ययन के मुताबिक बंद की वजह से संदिग्ध लक्षण वाले लोगों को एक या दो दिन में ही अलग किया जा रहा है। अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि अगर लॉकडाउन न होता तो संक्रमित लोगों की संख्या 2 लाख 70 हजार 360 तक पहुंच जाती और 5407 लोगों की मौत हो जाती।
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शिव नादर विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर समित भट्टाचार्य के मुताबिक हम यह भी मानते हैं कि इससे 80 से 90 फीसदी लोग सामुदायिक दूरी में रह रहे हैं। भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह की आशावादी स्थिति में हमने अनुमान लगाया है कि लॉकडाउन के पहले दिन से लेकर 20वें दिन तक में लक्षण दिखने वाले 83 फीसदी मामले कम हो सकते हैं। यानी इस तरह से संभावित 30,790 में से 3,500 लोग ही संक्रमित होंगे और 619 संभावित मौतों में से 105 ही मौत होंगी।
देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1965 तक पहुंच गई है जबकि मरने वालों की संख्या 50 है। अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि देश में बंद की वजह से संक्रमण का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचार होने की गति धीमी होगी और संक्रमण के मामले कम होंगे।
30 हजार के पार जा सकता है संक्रमित का आंकड़ा
विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर नागा सुरेश विरापु ने कहा कि हमारा अनुमान इस ओर इशारा करता है कि भारत में अगले 10 से 20 दिन में 5000 से 30,790 तक लक्षण वाले मामले हो सकते हैं।
21 दिन के बाद हटा दिया जाए लॉकडाउन : डॉक्टर देवी शेट्टी
जाने माने हृदयरोग विशेषज्ञ देवी प्रसाद शेट्टी ने भी कहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के उद्देश्य से घोषित लॉकडाउन 21 दिन की अवधि पूरी होने के बाद हटा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन को उन्हीं इलाकों तक ही सीमित रखना चाहिए जहां कोविड-19 के मामले बहुतायत में हैं। 'नारायण हेल्थ' के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक ने कहा कि चिकित्सकीय भाषा में कहूं तो देश में लॉकडाउन 21 दिन के बाद जारी रहने से बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। अधिक से अधिक लोगों की जांच करना ज्यादा जरूरी है। जहां भी इस वायरस के मामले अधिक हैं, उन इलाकों को लॉकडाउन करना चाहिए। छोटे इलाकों को लॉकडाउन कर इस वायरस का संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।'
उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन को उन्हीं इलाकों तक ही सीमित रखना चाहिए जहां कोविड-19 के मामले बहुतायत में हैं। 'नारायण हेल्थ' के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक ने कहा कि चिकित्सकीय भाषा में कहूं तो देश में लॉकडाउन 21 दिन के बाद जारी रहने से बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। अधिक से अधिक लोगों की जांच करना ज्यादा जरूरी है। जहां भी इस वायरस के मामले अधिक हैं, उन इलाकों को लॉकडाउन करना चाहिए। छोटे इलाकों को लॉकडाउन कर इस वायरस का संक्रमण फैलने से रोका जा सकता है।'