देश अपना 71वां गणतंत्र मना रहा है। पिछले साल ही भारत के संविधान को 70 साल पूरे हुए। 26 नवंबर, 1949 को हमारे देश का संविधान तैयार किया गया था। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में कई लोगों की मेहनत के बल दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का संविधान तैयार किया गया।
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22 भाग वाले भारतीय संविधान में हमारे अधिकारों से लेकर कर्तव्यों का विस्तृत रूप से जिक्र है। मगर क्या आप जानते हैं कि संविधान निर्माताओं ने भारत के इतिहास की यात्रा को संविधान में दर्शाने के लिए ऐतिहासिक चित्रों का इस्तेमाल किया है।
प्रत्येक भाग एक चित्र से शुरू होता है। कहीं आपको रावण वध के बाद सीता को वापस लाते भगवान राम दिखते हैं, तो कहीं गांधी जी अहिंसा का संदेश देते दिखते हैं। यही नहीं गौतम बुद्ध, अकबर से लेकर रानी लक्ष्मी बाई और महाराणा प्रताप तक की झलक आपको संविधान में मिलेगी।
संविधान में मोहनजोदड़ों से शुरुआत के साथ यह सफर वैदिक काल, गुप्त वंश से होते हुए मध्यकालीन युग में प्रवेश करता है। फिर यहां से मुगल काल होते हुए हम ब्रिटिश शासन काल में पहुंचते हैं। इसके बाद स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करते गांधी जी दिखते हैं।
इन चित्रों को शांति निकेतन के आचार्य नंदलाल बोस और उनके छात्रों ने तैयार किया था।