{"_id":"66d15aa8e530f457880debad","slug":"report-claimed-india-s-heat-is-now-a-better-predictor-of-food-prices-than-rain-2024-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Report: बारिश की तुलना में बढ़ता तापमान बना खाद्य महंगाई की भविष्यवाणी करने का बेहतर तरीका, रिपोर्ट में दावा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Report: बारिश की तुलना में बढ़ता तापमान बना खाद्य महंगाई की भविष्यवाणी करने का बेहतर तरीका, रिपोर्ट में दावा
Fri, 30 Aug 2024 11:07 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 30 Aug 2024 11:07 AM IST
सार
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी अत्यधिक गर्मी और भारत में कृषि वस्तुओं की कीमत के बीच संबंध पिछले एक दशक में मजबूत हुआ है।
विज्ञापन
पंजाब में भीषण गर्मी
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पृथ्वी का औसत तापमान बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। कहीं बहुत ज्यादा गर्मी के कारण जंगलों में आग लग रही है तो कहीं लोगों को पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है। भारत के भी कई राज्यों में गर्मी से लोग बेहाल हैं। बढ़ते तापमान को लेकर एक रिपोर्ट में हैरान करने वाला दावा किया गया है। इसके अनुसार, बढ़ते तापमान पर नजर रखना भारत में खाद्य महंगाई की भविष्यवाणी का एक बेहतर तरीका बनता जा रहा है। दरअसल, पहले आमतौर पर अर्थशास्त्री कितनी बारिश हुई है, उसे देखते हुए पूर्वानुमान लगाते थे।
जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी अत्यधिक गर्मी...
गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी अत्यधिक गर्मी और भारत में कृषि वस्तुओं की कीमत के बीच संबंध पिछले एक दशक में मजबूत हुआ है। देश में तापमान और फल एवं सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की लागत के बीच संबंध 2014 में 20 फीसदी से बढ़कर इस वर्ष 60 फीसदी हो गया।
डेढ़ साल से अपनी नीति दर को स्थिर रखना पड़ा
अस्थिर खाद्य लागत के कारण महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के चार फीसदी लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। इसके कारण प्राधिकरण को पिछले डेढ़ साल से अपनी नीति दर को स्थिर रखना पड़ा है।
विज्ञापन
उपभोक्ता-मूल्य लाभ कम होगा
रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्मी की लहर के बाद तापमान में गिरावट आने से साल के अंत तक उपभोक्ता-मूल्य लाभ कम हो जाएगा। मध्यम अवधि में, बढ़ता तापमान मुद्रास्फीति प्रबंधन के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है। विश्लेषक भारत के जलाशयों के स्तर को देखकर खाद्य महंगाई में होने वाले बदलावों का अनुमान लगाते थे। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह उपाय जल्द ही गायब हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यह संभवतः बेहतर सिंचाई प्रणालियों के कारण हुआ है, जो कम बारिश के प्रभावों को कम करती हैं, जबकि वर्तमान में फसलों को अत्यधिक गर्मी से बचाने का कोई समाधान नहीं है।
विज्ञापन
जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी अत्यधिक गर्मी...
गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी अत्यधिक गर्मी और भारत में कृषि वस्तुओं की कीमत के बीच संबंध पिछले एक दशक में मजबूत हुआ है। देश में तापमान और फल एवं सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की लागत के बीच संबंध 2014 में 20 फीसदी से बढ़कर इस वर्ष 60 फीसदी हो गया।
विज्ञापन
डेढ़ साल से अपनी नीति दर को स्थिर रखना पड़ा
अस्थिर खाद्य लागत के कारण महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के चार फीसदी लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। इसके कारण प्राधिकरण को पिछले डेढ़ साल से अपनी नीति दर को स्थिर रखना पड़ा है।
विज्ञापन
उपभोक्ता-मूल्य लाभ कम होगा
रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्मी की लहर के बाद तापमान में गिरावट आने से साल के अंत तक उपभोक्ता-मूल्य लाभ कम हो जाएगा। मध्यम अवधि में, बढ़ता तापमान मुद्रास्फीति प्रबंधन के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है। विश्लेषक भारत के जलाशयों के स्तर को देखकर खाद्य महंगाई में होने वाले बदलावों का अनुमान लगाते थे। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह उपाय जल्द ही गायब हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यह संभवतः बेहतर सिंचाई प्रणालियों के कारण हुआ है, जो कम बारिश के प्रभावों को कम करती हैं, जबकि वर्तमान में फसलों को अत्यधिक गर्मी से बचाने का कोई समाधान नहीं है।