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Religious Conversion: धर्म बदल चुके एसटी समुदाय के लोगों को आरक्षण देने के खिलाफ VHP, कड़ा कानून लाने की मांग

Fri, 27 May 2022 07:36 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Fri, 27 May 2022 07:36 PM IST
सार

विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने आरोप लगाया है कि विदेशी फंडिंग के सहारे निशाना बनाकर एसटी समुदाय के लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करने पर इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने राज्य-केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर कठोर कार्रवाई करने की मांग भी की...

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Religious Conversion: Vishwa Hindu Parishad opposed reservation in central-state government jobs to the Scheduled Tribes community who have converted
विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

विश्व हिंदू परिषद धर्मांतरण कर चुके अनुसूचित जनजाति समुदाय को केंद्र-राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण दिए जाने के विरोध में खड़ा हो गया है। उसका आरोप है कि धर्मांतरण कराने वाले मिशनरी एक साजिश के अंतर्गत आदिवासी जनजातीय क्षेत्रों के रहने वाले लोगों को धर्मांतरण के लिए अपना निशाना बना रही हैं। धर्मांतरण के बाद ऐसे लोगों को एक नेटवर्क के जरिए सरकारी-प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश कराया जाता है और इनके जरिए उस व्यक्ति के समुदाय-स्थान में धर्मांतरण के ‘खेल’ को आगे बढ़ाया जाता है। विश्व हिंदू परिषद धर्म बदल चुके एसटी समुदाय के लोगों को दिया जाने वाला आरक्षण समाप्त करने के लिए शीघ्र ही एक मुहिम की शुरूआत कर सकता है। इसके विरुद्ध सामाजिक अभियान भी चलाया जाएगा।

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दरअसल, अनुसूचित जाति (एससी कैटेगरी) के लोगों के द्वारा धर्मांतरण किए जाने के बाद उन्हें सरकारी सेवाओं में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। माना जाता है कि केवल इस कारण से एससी कैटेगरी के लोग अपेक्षाकृत ज्यादा संख्या में धर्मांतरण नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग धर्मांतरण करने के बाद भी इसे खुलकर स्वीकार नहीं करते हैं, जिससे सरकारी सेवाओं में मिलने वाला लाभ उन्हें मिलता रहे। जबकि अनुसूचित जनजाति (एसटी कैटेगरी) के लोगों को आरक्षण दिए जाने का आधार क्षेत्रीय होता है। इस प्रकार धर्मांतरण के बाद भी उसी क्षेत्र का स्थाई निवासी होने के कारण उन्हें आरक्षण का लाभ मिलता रहता है।

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विहिप जैसे संगठनों का आरोप है कि इस कानूनी खामी का लाभ उठाकर ईसाई मिशनरी और मुस्लिम इन्हें निशाना बना रहे हैं, जिससे स्थानीय सामाजिक-धार्मिक असंतुलन पैदा हो रहा है। आरोप है कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा और झारखंड के प्रमुख आदिवासी इलाकों में कई संगठन सक्रिय हैं, जो एसटी समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर धर्मांतरण का काम करा रहे हैं। इससे इन आदिवासी इलाकों में धार्मिक आधार बदल रहा है और इससे कई क्षेत्रों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

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विहिप ने बताया हिंदुत्व के विरुद्ध साजिश

विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने आरोप लगाया है कि विदेशी फंडिंग के सहारे निशाना बनाकर एसटी समुदाय के लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करने पर इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने राज्य-केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर कठोर कार्रवाई करने की मांग भी की। विहिप ने कहा है कि प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के मामलों में कर्नाटक की तरह सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।

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