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MEA: मजबूत होंगे भारत और फिलीपींस के रिश्ते, विदेश मंत्रालय बोला- द्विपक्षीय सहयोग के लिए दोनों देश सहमत

Tue, 05 Aug 2025 06:01 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Tue, 05 Aug 2025 06:01 PM IST
सार

विदेश मंत्रालय ने फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के भारत दौरे को लेकर जानकारी साझा की। मंत्रालय ने कहा कि भारत और फिलीपींस द्विपक्षीय सहयोग पर सहमत हुए हैं। फिलीपींस ने भारत के रक्षा सहयोग और अंतरिक्ष कार्यक्रम पर सहमति जताई है।  

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Relation between India & Philippines will strengthen, MEA said - Both countries agree on bilateral cooperation
विदेश सचिव पी कुमारन। - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब

विस्तार

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के भारत दौरे को लेकर मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। विदेश सचिव पूर्व पी कुमारन ने कहा कि भारत और फिलीपींस के मजबूत होंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को लेकर सहमति बनी।
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विदेश सचिव पी कुमारन ने कहा कि फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर की यात्रा कल शुरू हुई। वे आठ अगस्त तक यहां रहेंगे। राष्ट्रपति मार्कोस की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है। यह 1949 में फिलीपींस के साथ राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मार्कोस ने भारत-फिलीपींस द्विपक्षीय सहयोग को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देश राजनीतिक सहयोग, रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग, व्यापार और निवेश सहयोग, स्वास्थ्य सेवा और फार्मा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, फिनटेक, कांसुलर मामलों, संस्कृति, पर्यटन, लोगों के बीच आदान-प्रदान और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय, बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोग और संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। 
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विदेश सचिव ने कहा कि हमने रणनीतिक साझेदारी के तहत अपने सहयोग का मार्गदर्शन करने के लिए 2025 से 2029 की अवधि के लिए एक कार्य योजना भी बनाई है। राष्ट्रपति मार्कोस के साथ प्रथम महिला, 14 मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। विदेश सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने कहा कि फिलीपींस के लिए एअर इंडिया की पहली उड़ान एक अक्तूबर को शुरू होगी। आगे के गंतव्यों और संभावित बदलावों के बारे में और हम अपने द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते का दायरा कैसे बढ़ा सकते हैं, इस पर चर्चा चल रही है। 

ब्रह्मोस और रक्षा उपकरणों का निर्यात करेगा भारत
विदेश सचिव ने कहा कि भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति मार्कोस ने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग और ब्रह्मोस सहित भारत को रक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने रक्षा उद्योग के क्षेत्र में और अधिक सहयोग का भी आह्वान किया। हमारे व्यापक रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में, हम क्षमता निर्माण, संयुक्त अभ्यास, संयुक्त सहकारी समुद्री गतिविधियों, हमारे अधिकारियों के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आदान-प्रदान और रक्षा सहयोग के संदर्भ में हम जिन सभी मानक तत्वों पर चर्चा करते हैं, उन पर चर्चा कर रहे थे।

विदेश सचिव ने कहा कि हमने कई देशों को कई रक्षा हार्डवेयर उपकरणों का निर्यात किया है। फिलीपींस ने निश्चित रूप से और अधिक रक्षा उपकरणों के अवसरों का पता लगाने के लिए हमारे साथ काम करने में रुचि दिखाई है। हम अपने तटरक्षकों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा कर रहे हैं। इसलिए मूल रूप से हमारा उद्देश्य सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना, दोनों पक्षों में समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाना, अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और आपदा प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम करना है। 

अंतरिक्ष कार्यक्रम पर भी बात हुई
विदेश सचिव पी कुमारन ने कहा कि हमने अंतरिक्ष में अपनी क्षमताओं और अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम की लागत-प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति मार्कोस ने हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम को लागत-प्रभावी माना है। वे हमारी अंतरिक्ष तकनीक और अंतरिक्ष क्षमताओं का उपयोग मौसम की घटनाओं की भविष्यवाणी करने, कृषि में मदद करने, आपदा राहत में मदद करने जैसे सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए करना चाहते हैं। 


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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ बढ़ाने पर विदेश सचिव ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत या किसी अन्य देश पर लगाए गए टैरिफ पर कोई चर्चा नहीं हुई। व्यापार में विविधता लाने, भारत और फिलीपींस के बीच व्यापार के लिए हमारे उत्पादों की श्रेणी का विस्तार करने और उन विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करने के उद्देश्यों पर व्यापक चर्चा हुई जो भारत और फिलीपींस के बीच संभावित तरजीही व्यापार समझौते में योगदान दे सकते हैं। फिलीपींस ने आईटीजीए व्यापार समीक्षा में तेजी लाने के हमारे अनुरोध का समर्थन किया। यह साल के अंत से पहले पूरा हो जाएगा। 

दक्षिण चीन सागर को लेकर सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने कहा कि दक्षिण चीन सागर पर हमारी स्थिति स्पष्ट और सुसंगत है। हम दक्षिण चीन सागर को वैश्विक साझा अधिकार का हिस्सा मानते हैं और इस क्षेत्र में नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता तथा दक्षिण चीन सागर के जलमार्गों से वैध वाणिज्य का समर्थन करते हैं। भारत इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता में स्थायी रुचि रखता है। भारत का यह भी मानना है कि संबंधित पक्षों के बीच किसी भी मतभेद को कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए और धमकी या बल प्रयोग का सहारा लिए बिना शांतिपूर्वक सुलझाया जाना चाहिए। 

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