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Census: जनगणना की तैयारियां शुरू, 15 जनवरी 2026 तक सभी राज्यों को कर्मचारियों की नियुक्ति का आदेश
Tue, 09 Dec 2025 09:54 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 09 Dec 2025 09:54 AM IST
सार
देश में जनगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने एक सर्कुलर जारी कर राज्यों से जनगणना करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति करने का आदेश जारी कर दिया है। सर्कुलर के अनुसार, जनगणना दो चरणों में होगी।
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डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे 15 जनवरी 2026 तक जनगणना कर्मचारियों की नियुक्ति का काम पूरा कर लें। जनगणना कर्मचारी ही बड़े पैमाने पर डेटा इकट्ठा करने के काम के लिए जिम्मेदार हैं। इसे लेकर एक सर्कुलर जारी किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि जनगणना के दौरान डेटा इकट्ठा करने का काम गणनाकार और सुपरवाइजर करेंगे।
क्या है सर्कुलर में
सर्कुलर के अनुसार, 'एक गणनाकार को लगभग 700-800 लोगों की आबादी की गणना का काम सौंपा जाएगा और हर छह गणनाकार पर एक सुपरवाइजर रखा जाएगा। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति के लिए 10 प्रतिशत आरक्षित गणनाकार और सुपरवाइजर होंगे।' रजिस्ट्रार जनरल ने कहा कि जनगणना नियम-1990 के नियम 3 के अनुसार, टीचर, क्लर्क या राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन आदि के किसी भी अधिकारी को गणनाकार के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है, जबकि सुपरवाइजर आम तौर पर गणनाकार से ऊंचे रैंक का अधिकारी होते हैं।
इसके अलावा, राज्य भी जनगणना अधिकारी नियुक्त करेंगे। जिलों में जिलाधिकारी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या कोई भी नामित अधिकारी मुख्य जनगणना अधिकारी के तौर पर नियुक्त होंगे, जो अपने अधिकार क्षेत्र में जनगणना के लिए जिम्मेदार होंगे। इसी तरह, डिवीजन में, डिवीजनल कमिश्नर डिवीजनल जनगणना अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। जबकि किसी नगर निगम में, नगर निगम आयुक्त और निकाय के प्रमुख जनगणना अधिकारी या अतिरिक्त मुख्य जनगणना अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। साल 2027 में होने वाली जनगणना के दौरान देशभर में करीब 34 लाख फील्ड कर्मचारियों को जनगणना के काम में लगाया जाएगा।
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ये भी पढ़ें- MEA: 'देशवासियों को सस्ती दरों पर ऊर्जा देना सरकार की प्राथमिकता', रूस से आपूर्ति पर विदेश मंत्रालय की दो टूक
दो चरणों में होगी जनगणना
रजिस्ट्रार जनरल ने जनगणना 2027 के लिए एक वेब पोर्टल -- जनगणना मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) बनाया है, ताकि गिनती करने वालों और सुपरवाइजरों की नियुक्ति और फील्ड वर्क की रियल-टाइम प्रोग्रेस जैसी सभी गतिविधियों को मॉनिटर किया जा सके। जनगणना 2027 दो चरणों में होगी -पहला, चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग गणना का होगा, जो अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा और दूसरा चरण, आबादी गणना का होगा, जो फरवरी 2027 में होगा। आबादी गणना फरवरी 2027 में होगी, जिसकी रेफरेंस डेट 1 मार्च, 2027 को 00:00 बजे होगी। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड आदि राज्यों में बर्फबारी के समय को देखते हुए जनगणना का काम सितंबर 2026 में होगा, जिसकी रेफरेंस डेट 1 अक्टूबर, 2026 को 00:00 बजे होगी।
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क्या है सर्कुलर में
सर्कुलर के अनुसार, 'एक गणनाकार को लगभग 700-800 लोगों की आबादी की गणना का काम सौंपा जाएगा और हर छह गणनाकार पर एक सुपरवाइजर रखा जाएगा। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति के लिए 10 प्रतिशत आरक्षित गणनाकार और सुपरवाइजर होंगे।' रजिस्ट्रार जनरल ने कहा कि जनगणना नियम-1990 के नियम 3 के अनुसार, टीचर, क्लर्क या राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन आदि के किसी भी अधिकारी को गणनाकार के तौर पर नियुक्त किया जा सकता है, जबकि सुपरवाइजर आम तौर पर गणनाकार से ऊंचे रैंक का अधिकारी होते हैं।
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इसके अलावा, राज्य भी जनगणना अधिकारी नियुक्त करेंगे। जिलों में जिलाधिकारी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या कोई भी नामित अधिकारी मुख्य जनगणना अधिकारी के तौर पर नियुक्त होंगे, जो अपने अधिकार क्षेत्र में जनगणना के लिए जिम्मेदार होंगे। इसी तरह, डिवीजन में, डिवीजनल कमिश्नर डिवीजनल जनगणना अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। जबकि किसी नगर निगम में, नगर निगम आयुक्त और निकाय के प्रमुख जनगणना अधिकारी या अतिरिक्त मुख्य जनगणना अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। साल 2027 में होने वाली जनगणना के दौरान देशभर में करीब 34 लाख फील्ड कर्मचारियों को जनगणना के काम में लगाया जाएगा।
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दो चरणों में होगी जनगणना
रजिस्ट्रार जनरल ने जनगणना 2027 के लिए एक वेब पोर्टल -- जनगणना मैनेजमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम (CMMS) बनाया है, ताकि गिनती करने वालों और सुपरवाइजरों की नियुक्ति और फील्ड वर्क की रियल-टाइम प्रोग्रेस जैसी सभी गतिविधियों को मॉनिटर किया जा सके। जनगणना 2027 दो चरणों में होगी -पहला, चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग गणना का होगा, जो अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा और दूसरा चरण, आबादी गणना का होगा, जो फरवरी 2027 में होगा। आबादी गणना फरवरी 2027 में होगी, जिसकी रेफरेंस डेट 1 मार्च, 2027 को 00:00 बजे होगी। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड आदि राज्यों में बर्फबारी के समय को देखते हुए जनगणना का काम सितंबर 2026 में होगा, जिसकी रेफरेंस डेट 1 अक्टूबर, 2026 को 00:00 बजे होगी।