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ठिगना दूल्हा देख शादी से इनकार, ग्रामीणों ने दूसरी दुल्हन से कराई शादी
ब्यूरो/अमर उजाला, सिजारी बम्हौरी (झांसी)
Updated Tue, 03 May 2016 11:51 AM IST
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शादी टूटी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, सिजारी बम्हौरी (झांसी)
चारों ओर हंसी खुशी का माहौल था। पंडाल सजा था, स्टेज भी सजा था। दो लोग अपने जीवन की नई पारी शुरू करने जा रहे थे।
शादी के लिए जैसे ही दुल्हन हाथ में वरमाला लेकर स्टेज पर पहुंची उसका पारा चढ़ गया। अपने से कम कद का दूल्हा देख कर उसने शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन के इनकार के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में ग्रामीणों ने गांव के एक गरीब परिवार की बेटी की शादी दूल्हे से कराई और चंदा करके विवाह का खर्चा उठाया।
ग्राम लहचूरा निवासी एक व्यक्ति की बेटी का विवाह पास के ही ग्राम कलरा निवासी एक युवक के साथ तय हुआ था। रविवार रात कलरा निवासी युवक बारात लेकर लहचूरा आया था। बारात आते ही द्वारचार की रस्म होने के बाद दूल्हा वरमाला के लिए बने स्टेज पर जाकर बैठ गया।
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शादी के लिए जैसे ही दुल्हन हाथ में वरमाला लेकर स्टेज पर पहुंची उसका पारा चढ़ गया। अपने से कम कद का दूल्हा देख कर उसने शादी करने से इनकार कर दिया। दुल्हन के इनकार के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में ग्रामीणों ने गांव के एक गरीब परिवार की बेटी की शादी दूल्हे से कराई और चंदा करके विवाह का खर्चा उठाया।
ग्राम लहचूरा निवासी एक व्यक्ति की बेटी का विवाह पास के ही ग्राम कलरा निवासी एक युवक के साथ तय हुआ था। रविवार रात कलरा निवासी युवक बारात लेकर लहचूरा आया था। बारात आते ही द्वारचार की रस्म होने के बाद दूल्हा वरमाला के लिए बने स्टेज पर जाकर बैठ गया।
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गांव वालों ने चंदा एकत्र कर उठाया शादी का खर्चा
थोड़ी देर बाद दुल्हन अपनी बहनों और सहेलियों के साथ सज धज कर वरमाला लेकर आई। वरमाला के लिए जैसे ही दूल्हा खड़ा हुआ, उसका छोटा कद देख कर दुल्हन का दिल बैठ गया।
उसने अपनी बहनों और सहेलियों से वरमाला पहनाने से मना कर दिया। उसकी बात सुन वह सन्न रह गई और इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने दुल्हन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी और वापस घर चली गई।
दुल्हन द्वारा शादी से मना करने पर वर व वधू पक्ष के अलावा ग्रामीण भी सकते में आ गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन में पंचायत कर गांव के ही एक गरीब व्यक्ति को उसकी बेटी की शादी करने का प्रस्ताव दिया। उसके मानते ही ग्रामीणों ने चंदा कर शादी का खर्चा किया और दोनों की शादी कराई। ग्रामीणें का कहना था कि बारात यदि बिना दुल्हन के लौटती तो इससे वर पक्ष के साथ-साथ गांव की भी बदनामी होती।
उसने अपनी बहनों और सहेलियों से वरमाला पहनाने से मना कर दिया। उसकी बात सुन वह सन्न रह गई और इसकी जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने दुल्हन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी और वापस घर चली गई।
दुल्हन द्वारा शादी से मना करने पर वर व वधू पक्ष के अलावा ग्रामीण भी सकते में आ गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन में पंचायत कर गांव के ही एक गरीब व्यक्ति को उसकी बेटी की शादी करने का प्रस्ताव दिया। उसके मानते ही ग्रामीणों ने चंदा कर शादी का खर्चा किया और दोनों की शादी कराई। ग्रामीणें का कहना था कि बारात यदि बिना दुल्हन के लौटती तो इससे वर पक्ष के साथ-साथ गांव की भी बदनामी होती।