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Hindi News ›   India News ›   Recommendation of Child Commission, Teacher Training and Tuition in Child Reforms

बाल आयोग की सिफारिश, बाल सुधार गृहों में हो टीचर और ट्यूशन की व्यवस्था

Sat, 17 Nov 2018 04:42 PM IST
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो , नई दिल्ली
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो , नई दिल्ली Updated Sat, 17 Nov 2018 04:42 PM IST
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Recommendation of Child Commission, Teacher Training and Tuition in Child Reforms
maneka gandhi

राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग का कहना है कि बाल सुधार गृहों में रहने वाले बच्चों को ट्यूटोरियल्स उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उन्होंने बच्चों को ट्यूशन दिए जाने की सिफारिश भी की है। आयोग का कहना है कि उनकी इस पहल के बाद सुधार गृह में रह रहे बच्चों के लिए मुख्यधारा की शिक्षा में वापसी का मौका मिलेगा।

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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि बाल सुधार गृहों में शिक्षा को ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती, जिसके चलते उन्हें नियमित स्कूली शिक्षा में वापसी में दिक्कतें होती हैं। उन्होंने बताया कि भारत में बाल सुधार गृहों में गुणवत्ता शिक्षा एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण की उपलब्धता नाम से जारी रिपोर्ट में बाल आयोग ने सिफारिश की है इन सुधार गृहों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत एक शिक्षक नियुक्त किया जाए, ताकि बच्चों को शिक्षित किया जा सके।
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रिपोर्ट के मुताबिक जैसे ही किसी सुधार गृह में बच्चे को भेजने की प्रक्रिया शुरू होती है, उसके साथ ही बच्चों की शिक्षा के संबंध में काम शुरू कर देना चाहिए। आयोग ने यह रिपोर्ट 50 बाल सुधार गृहों और उनमें रह रहे 2,691 बच्चों के विश्लेषण के आधार पर तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी बाल सुधार गृहों में किसी प्रकार के बजट या फंड का प्रावधान नहीं है, जो इस बात का संकेत है कि कानून की लड़ाई में उलझे बच्चों के लिए बनाई योजनाओं में शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई है।
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कानूनगो के मुताबिक जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में इस बात का उल्लेख है कि कानूनी मामलों में फंसे बच्चों को सुधार गृहों भेजने के दौरान शिक्षा, कौशल विकास, काउंसलिंग, व्यवहार संशोधन चिकित्सा के साथ मनोवैज्ञानिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए।  


रिपोर्ट कहती है कि यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि केवल बाल सुधार गृह में आने की वजह से उन्हें स्कूली शिक्षा के अधिकार से वंचित कर दिया जाए। इसके अलावा यह भी सिफारिश की है कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत इन सुधार गृहों में विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएं। इसके अलावा जो बच्चे औपचारिक शिक्षा प्रणाली में नहीं हैं, उनका ओपन स्कूल में पंजीकरण कराया जाए। साथ ही, बाल सुधार गृहों में कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की जाए।

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