फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Reckless pleadings made in few petitions challenging reservation to Maratha community: HC

मराठा आरक्षण: ‘फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं में लापरवाही से भरी दलीलें’, बॉम्बे हाईकोर्ट ने जताई चिंता

Mon, 01 Jul 2024 07:18 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Mon, 01 Jul 2024 07:18 PM IST
सार

मराठा आरक्षण पर सरकार कै फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं में लापरवाही से भरी दलीलें दी गई हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अदालत का कहना है कि याचिकर्ताओं को याचिका दायर करते समय कई बातों का ध्यान रखना होगा।  

विज्ञापन
Reckless pleadings made in few petitions challenging reservation to Maratha community: HC
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

मराठा आरक्षण पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं में लापरवाही से भरी दलीलें दी गईं हैं। अदालत ने इस बात पर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय, न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी और फिरदौस पूनीवाला की पीठ ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है। अदालत ने कहा 'इससे राज्य की एक बड़ी आबादी पर असर पड़ेगा, इसलिए याचिकर्ताओं को याचिका दायर करते समय कई बातों का ध्यान रखना होगा।'

विज्ञापन


अदालत में सरकार के फैसले के खिलाफ दायर की गईं याचिकाएं
आपको बता दें कि मराठा आरक्षण को लेकर कई याचिकाकर्ताओं द्वारा महाराष्ट्र सरकार के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई हैं। इसके तहत, मराठा समुदाय के लोगों को सरकारी नौकरी और शिक्षा क्षेत्र में दस फीसदी आरक्षण देने की बात कही गई है।
विज्ञापन


महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन पर सवाल
कुछ याचिकाओं में महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन पर सवाल उठाए गए हैं। बता दें कि इस आयोग का नेतृत्व न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) सुनील शुक्रे कर रहे हैं। आयोग की रिपोर्ट में मराठा समुदाय के लोगों को आरक्षण प्रदान करने की बात कही गई है। आपको बता दें कि उच्च न्यायालय की पीठ ने बीते शुक्रवार को सभी याचिकाओं पर सुनवाई की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाओँ में लापरवाही से भरी दलीलें- उच्च न्यायालय
सोमवार को अदालत में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘मुझे यह कहते हुए बड़ा दुख हो रहा है कि कुछ याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिकाओँ में लापरवाही से भरी दलीलें दीं हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है और राज्य की आबादी के एक बड़े हिस्से पर इसका असर पड़ने वाला है। आप सभी को याचिका में दलीलें देते वक्त बेहद सावधान रहना होगा।’ अदालत ने कहा है कि इस मामले में मंगलवार को याचिकाओं में दी गईं दलीलों पर सुनवाई होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed