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सरकार का संदेश: अपने बर्ताव के लिए सदन से माफी मांगने पर वापस हो सकता है 12 सांसदों का निलंबन

Wed, 15 Dec 2021 09:52 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Wed, 15 Dec 2021 09:52 PM IST
सार

सरकार ने साफ कर दिया कि जब तक सांसद अपने बर्ताव के लिए माफी नहीं मांगते, उनका  निलंबन रद्द नहीं किया जाएगा।

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Ready to accept demand of revoking suspension of MPs if they apologise: Govt
राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा (file photo) - फोटो : राज्यसभा

विस्तार

राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन को लेकर जारी विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने बुधवार को कहा कि अगर सांसद अपने गलत व्यवहार के लिए सदन से माफी मांगते हैं तो वह उनका निलंबन रद्द करने के लिए तैयार है। राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि यह शर्मनाक है कि कुछ विपक्षी सदस्य निलंबित सदस्यों के गलत व्यवहार को स्वीकार करने और पश्चाताप करने के लिए तैयार नहीं हैं। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कहा कि आपको माफी मांगनी होगी जिसके बाद हम आपको वापस लेने के लिए तैयार हैं। बुधवार को भी विपक्षी सदस्यों ने सदन के अंदर और बाहर विरोध करना जारी रखा और 12 सांसदों के निलंबन पर हंगामा किया।

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विपक्षी सांसदों ने संसद में की नारेबाजी 
कांग्रेस, वामपंथी दलों, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना, आप और कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने बुधवार को सदन के वेल में तख्तियां लेकर अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने लोकतंत्र बचाओ और मुझे निलंबित करो लिखी हुई तख्तियां ले रखी थी और सरकार के व्यवहार की आलोचना की। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कई बार मांग उठाई, लेकिन सरकार और सभापित ने कहा कि जब तक वे अपने बर्ताव के लिए माफी नहीं मांगते, निलंबन रद्द नहीं किया जाएगा।
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मार्शलों पर हमले के आरोप में हुए निलंबित 
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन 11 अगस्त को सदन के अंदर सचिवालय के कर्मचारियों पर हमला करने के लिए 12 विपक्षी राज्यसभा सांसदों को शेष शीतकालीन सत्र के लिए 29 नवंबर को निलंबित कर दिया गया था। सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि वे सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी देखा है कि इस सदन में किस तरह से महिला मार्शलों का अपमान और उन पर हमला किया गया था। गोयल ने कहा कि सरकार उनके अनुरोध पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन उन्हें महिला मार्शल पर हमला करने और सदन की सुरक्षा की रक्षा करने वाले लोगों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, उसके लिए उन्हें माफी मांगनी होगी। 
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उन्होंने यह भी कहा कि यह शर्म की बात है कि वे अपने किए पर पछताने को भी तैयार नहीं हैं। मार्शल पर हमला करने और उनका गला घोंटने के बाद, उन्हें केवल माफी मांगनी है। इस सदन की सेवा करने वालों के लिए वे कम से कम शिष्टाचार दिखा सकते हैं। लेकिन अगर वे उम्मीद करते हैं कि वे मार्शल पर हमला करेंगे और महिला मार्शल का अपमान करेंगे और फिर भी उन्हें वापस आने का अधिकार है, मुझे लगता है कि यह गलत है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के वरिष्ठ सदस्य अपने सहयोगियों के कृत्यों पर पश्चाताप करने को तैयार नहीं हैं। 

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