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RBI: आरबीआई ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट को रोकने के लिए उठाए कदम, विदेशी उधार सीमा को बढ़ाया
Wed, 06 Jul 2022 09:57 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 06 Jul 2022 09:57 PM IST
सार
आरबीआई ने कहा कि मौजूदा समय में डॉलर की तंगी को दूर करने के लिए अपने सभी खंडों में जरूरत पड़ने पर उसने दखल दिया है। यह कदम बाजार के व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा की आवक को बढ़ाने के लिए बुधवार को संबंधित मानकों को उदार बनाने के साथ ही विदेशों से वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) मार्ग के तहत उधारी सीमा दोगुनी कर दी। आरबीआई ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत में लगातार गिरावट आ रही है।
आरबीआई ने अपने एक बयान में कहा कि वह विदेशी मुद्रा बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौजूदा समय में डॉलर की तंगी को दूर करने के लिए अपने सभी खंडों में जरूरत पड़ने पर उसने दखल दिया है। यह कदम बाजार के व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट
रिजर्व बैंक ने यह कदम चालू वित्त वर्ष में अब तक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में आ चुकी 4.1 प्रतिशत की गिरावट को देखते हुए उठाया है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति कमजोर कर दी है।
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विदेशी मुद्रा वित्त पोषण के स्त्रोंतों के विस्तार के लिए उठाए कदम
आरबीआई ने कहा, "विदेशी मुद्रा बाजार में व्याप्त अस्थिरता कम करने और वैश्विक आघात को झेलने के लिए विदेशी मुद्रा वित्त पोषण के स्रोतों के विस्तार और विविधिकृत करने के लिए पांच कदम उठाने का फैसला लिया गया है।
इन कदमों में ऋण बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के निवेश मानकों को सरल करना और स्वचालित मार्ग से ईसीबी) सीमा को 75 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर 1.5 अरब डॉलर करना शामिल है।
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आरबीआई ने अपने एक बयान में कहा कि वह विदेशी मुद्रा बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौजूदा समय में डॉलर की तंगी को दूर करने के लिए अपने सभी खंडों में जरूरत पड़ने पर उसने दखल दिया है। यह कदम बाजार के व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट
रिजर्व बैंक ने यह कदम चालू वित्त वर्ष में अब तक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में आ चुकी 4.1 प्रतिशत की गिरावट को देखते हुए उठाया है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति कमजोर कर दी है।
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विदेशी मुद्रा वित्त पोषण के स्त्रोंतों के विस्तार के लिए उठाए कदम
आरबीआई ने कहा, "विदेशी मुद्रा बाजार में व्याप्त अस्थिरता कम करने और वैश्विक आघात को झेलने के लिए विदेशी मुद्रा वित्त पोषण के स्रोतों के विस्तार और विविधिकृत करने के लिए पांच कदम उठाने का फैसला लिया गया है।
इन कदमों में ऋण बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के निवेश मानकों को सरल करना और स्वचालित मार्ग से ईसीबी) सीमा को 75 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर 1.5 अरब डॉलर करना शामिल है।