भाजपा बोली- कांग्रेस सबूत नहीं दे पाई, उसने राजनीतिक शिष्टाचार से परे जाकर आरोप लगाए
फोन टैपिंग व जासूसी को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पूर्व संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तो इतिहास ही जासूसी का रहा है।
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पूर्व संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेगासस जासूसी मामले को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर केंद्र सरकार का जोरदार ढंग से बचाव किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का तो इतिहास ही जासूसी का रहा है। यह देश विरोधी एजेंडा चलाने वालों की साजिश है।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस जासूसी के सबूत नहीं दे पाई है, उसने राजनीतिक शिष्टाचार से परे जाकर आरोप लगाए हैं। प्रसाद ने सवाल किया कि जासूसी कांड का बखेड़ा संसद के मानसून सत्र के पहले क्यों खड़ा किया गया? उन्होंने कहा कि देश में फोन टैपिंग को लेकर सशक्त कानून हैं। इन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए टैपिंग हो सकती है। सरकार पर स्तरहीन आरोप लगाए गए हैं।
आधारहीन एजेंडा तैयार किया गया
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पूरे पेगासस प्रकरण से भारत सरकार या भाजपा को जोड़ने के मामले में अंशमात्र भी सबूत नहीं हैं। संसद में व्यवधान डालने का प्रयास किया गया, देश में आधारहीन एजेंडा तैयार किया गया, क्योंकि कांग्रेस का आधार घटता जा रहा और वह हार रही है।
प्रसाद ने पूछा कि इस महत्वपूर्ण मौके पर इस तरह के सवाल क्यों उठाए जा रहे है? ट्रंप के भारत दौरे के वक्त दंगे भड़काए गए, पेगासस की खबर 2019 के चुनाव के वक्त फैलाई गई और अब एक बार फिर जब संसद का सत्र शुरू हुआ है तो यह मामला उठाया गया।
Why these kinds of questions are raised at the time of important events? Riots were incited during Trump's visit, Pegasus story was circulated during 2019 polls & again it's in the news when Parliament is in session & when Congress is in a very bad situation: BJP leader RS Prasad pic.twitter.com/Bztc9DPrd3
— ANI (@ANI) July 19, 2021
एमनेस्टी का भारत विरोधी एजेंडा
पूर्व मंत्री प्रसाद ने कहा कि पेगासस मामले से भाजपा या भारत सरकार के संपर्क का एक भी सबूत पेश नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हम इस बात से इनकार कर सकते हैं कि एमनेस्टी इंटरनेशनल का कई मामलों में भारत विरोधी एजेंडा रहा है? जब आप उनसे उनकी फंडिंग के स्रोत पूछो तो वे कहने लगते हैं कि भारत में काम करना मुश्किल है।
प्रसद ने कहा कि नया बखेड़ा खड़ा करने के लिए पेगासस की खबर ब्रेक की गई। आनलाइन पोर्टल द वायर का भी नाम आया। प्रसाद ने कहा कि क्या यह सच नहीं है कि उनकी कई स्टोरी गलत पाई गईं हैं। यह बहुत विकट बात है, कंपनी (एनएसओ समूह) पेगासस रिपोर्ट से इनकार कर रही है और कह रही है कि उसके उत्पाद पश्चिम देशों में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, लेकिन भारत को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पेगासस रिपोर्ट जारी की है वे खुद यह दावा नहीं कर रहे हैं कि डाटाबेस में शामिल नंबर पेगासस से जुड़ा था या नहीं।