SC के फैसले पर बोले कानून मंत्री- आडवाणी, जोशी समेत सभी नेता निर्दोष
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विवादित ढांचा विध्वंस मामले में आडवाणी, जोशी सहित अन्य नेताओं पर आपराधिक साजिश का आरोप फिर से बहाल करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक दिन बाद कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि रायबरेली और लखनऊ में अलग-अलग ट्रायल चलाने का निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने ही पहले सही ठहराया था। रायबरेली में इन वरिष्ठ नेताओं केखिलाफ चल रहे ट्रायल को लखनऊ में चल रहे ट्रायल (कारसेवकों के खिलाफ चल रहे मुकदमे) के साथ जोड़ने के आदेश पर कानून मंत्री ने कहा कि पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं की निर्दोषता को लेकर आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा।
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उन्होंने कहा, ‘शीर्ष अदालत शीर्ष है। यह सुप्रीम कोर्ट ही था जिसने पूर्व में कहा था कि इस मामले में अलग-अलग ट्रायल चलना चाहिए।’ कानून मंत्री मोहम्मद असलम कर जनहित याचिका को खारिज करते हुए 29 नवंबर, 2002 को दिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश का जिक्र कर रहे थे।
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वहीं ट्रिपल तलाक केमसले पर कानून मंत्री ने कहा कि यह धर्म और इबादत से जुड़ा मामला नहीं है। यह मामला महिला केसम्मान और प्रतिष्ठा का मामला है और इसे लेकर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि 20 मुस्लिम देशों में ट्रिपल तलाक को मान्यता नहीं है। अगर मुस्लिम बहुत देश अगर ट्रिपल तलाक को शर्रियत का हिस्सा नहीं मानती तो भारत जैसे धर्म निरपेक्ष देश में इसका कोई मतलब नहीं बनता।