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रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में कहा: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के पक्ष में है केंद्र सरकार
Fri, 19 Mar 2021 04:25 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 19 Mar 2021 04:25 AM IST
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रविशंकर प्रसाद
- फोटो : ANI
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में बताया कि आईएएस और आईपीएस जैसी अखिल भारतीय सेवाओं की तरह ही अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) है। इसका गठन भी संपूर्ण न्यायिक वितरण प्रणाली की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने एक लिखित जवाब में बताया कि एआईजेएस अखिल भारतीय मेरिट चयन प्रणाली के जरिए योग्य नए कानूनी प्रतिभाओं के चयन का अवसर देगी। साथ ही इसके जरिए समाज के वंचित और हाशिये पर पड़े वर्गों के लिए उचित प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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एआईजेएस के गठन के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया गया था और इसे नवंबर 2012 में सचिवों की एक समिति ने मंजूरी दी थी। अप्रैल 2013 में हुई मुख्यमंत्रियों और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की कॉन्फ्रेंस में इसे एक एजेंडे के तौर पर प्रस्तावित किया गया था।
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प्रसाद ने बताया कि उस वक्त यह फैसला लिया गया था कि इस मुद्दे पर और चर्चा तथा विचार किए जाने की आवश्यकता है। इस पर प्रदेश सरकारों और सभी हाईकोर्ट से सुझाव मांगे गए थे। अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन पर प्रदेश सरकारों के बीच और हाईकोर्ट के बीच भी मतभेद थे। कुछ प्रदेश सरकारें और हाईकोर्ट प्रस्ताव के पक्ष में थे जबकि कुछ विरोध में। कुछ प्रस्ताव में बदलाव चाहते थे।
उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को अप्रैल 2015 में हुई मुख्य न्यायाधीशों के कॉन्फ्रेंस में रखा गया लेकिन इस पर कोई खास प्रगति नहीं हुई। उन्होंने बताया कि सरकार इस मुद्दे पर संबंधित स्टेकहोल्डरों के साथ सकारात्मक चर्चा कर रही है।