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Bengal: राशन घोटाले में गिरफ्तार मंत्री मल्लिक अदालत में हुए बेहोश, अस्पताल में भर्ती, उच्च शुगर की समस्या
Fri, 27 Oct 2023 07:10 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Fri, 27 Oct 2023 07:10 PM IST
सार
कथित करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान वह बेहोश हो गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
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पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राशन वितरण घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को शुक्रवार गिरफ्तार किया गया। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब जज के सामने पेश किया गया तो वह अदालत में बेहोश हो गए। अधिकारी ने बताया कि राज्य के वन मंत्री अदालत के अंदर सुनवाई के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद मलिक को अदालत कक्ष से बाहर बालकनी में ले जाया गया और पीने के लिए पानी दिया गया और अस्पताल ले जाया गया। हालांकि उन्हें अदालत ने छह नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। बताया गया है कि अस्पताल में मंत्री मल्लिक को उच्च ब्लड शुगर और गुर्दे की समस्या का इलाज चल रहा है।
मोबाइल फोन जांच के लिए भेजा, पत्नी-बेटी के बैंक खाते भी फ्रीज
ईडी ने ज्योतिप्रिय के बैंक खातों के साथ उनकी पत्नी और बेटी के खाते भी फ्रीज कर दिए। जांच में कुछ फर्जी कंपनियों के बारे में पता लगा है। ये कंपनियां और बचत खाते उस समय खोले गए थे, जब ज्योतिप्रिय खाद्य आपूर्ति मंत्री थे। ज्योतिप्रिय के मोबाइल फोन जब्त करके फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए है। जांच में तीन कंपनियों के नाम भी सामने आए, जहां से ज्योतिप्रिय को बड़ी राशि का ऋण मिला जिसे उन्होंने चुकाया नहीं।
कंपनियों में निदेशक थीं पत्नी-बेटी
ईडी अफसर पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मंत्री या उनके परिजन किसी अन्य बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं? अफसरों ने कुछ निजी कंपनियों के आधिकारिक रबर स्टांप भी जब्त किए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार ज्योतिप्रिय की पत्नी व बेटी तीन कंपनियों में निदेशक रहीं थीं।
ममता की भूमिका की भी हो जांच : भाजपा
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ईडी से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की भी जांच करने की मांग की। उनके मुताबिक, ममता ने भ्रष्टाचार के लिए ज्योतिप्रिय को 2011 से 2021 तक खाद्य व आपूर्ति मंत्री बनाए रखा। बाद में जांच एजेंसियों के शिकंजे से बचाने के लिए दूसरा मंत्रालय सौंप दिया।
पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के कथित राशन वितरण घोटाले को एक संगठित अपराध करार देते हुए सीपीआई (एम) ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को मामले में शामिल धन के लेन-देन के बारे में जानकारी साझा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, स्वाभाविक है कि कथित राशन घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तारियां की गईं, यह एक संगठित अपराध है। साथ ही उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि ज्योतिप्रिय मल्लिक अस्वस्थ हैं, हम उनके स्वास्थ्य की कामना करते हैं ताकि वह सारी जानकारी दे सकें। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा था कि अगर ईडी की छापेमारी के दौरान मल्लिक को कुछ हुआ तो भाजपा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित राशन वितरण घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2011 से 2021 तक खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग संभालने वाले मलिक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
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#WATCH | Kolkata: West Bengal minister Jyoti Priya Mallick being taken to a hospital from Bankshall Court
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He has been sent to ED custody till November 6, in connection with an alleged case of corruption in rationing distribution. pic.twitter.com/eIpBWVo93eविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 27, 2023
मोबाइल फोन जांच के लिए भेजा, पत्नी-बेटी के बैंक खाते भी फ्रीज
ईडी ने ज्योतिप्रिय के बैंक खातों के साथ उनकी पत्नी और बेटी के खाते भी फ्रीज कर दिए। जांच में कुछ फर्जी कंपनियों के बारे में पता लगा है। ये कंपनियां और बचत खाते उस समय खोले गए थे, जब ज्योतिप्रिय खाद्य आपूर्ति मंत्री थे। ज्योतिप्रिय के मोबाइल फोन जब्त करके फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए है। जांच में तीन कंपनियों के नाम भी सामने आए, जहां से ज्योतिप्रिय को बड़ी राशि का ऋण मिला जिसे उन्होंने चुकाया नहीं।
कंपनियों में निदेशक थीं पत्नी-बेटी
ईडी अफसर पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मंत्री या उनके परिजन किसी अन्य बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं? अफसरों ने कुछ निजी कंपनियों के आधिकारिक रबर स्टांप भी जब्त किए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार ज्योतिप्रिय की पत्नी व बेटी तीन कंपनियों में निदेशक रहीं थीं।
ममता की भूमिका की भी हो जांच : भाजपा
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने ईडी से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की भी जांच करने की मांग की। उनके मुताबिक, ममता ने भ्रष्टाचार के लिए ज्योतिप्रिय को 2011 से 2021 तक खाद्य व आपूर्ति मंत्री बनाए रखा। बाद में जांच एजेंसियों के शिकंजे से बचाने के लिए दूसरा मंत्रालय सौंप दिया।
पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के कथित राशन वितरण घोटाले को एक संगठित अपराध करार देते हुए सीपीआई (एम) ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक को मामले में शामिल धन के लेन-देन के बारे में जानकारी साझा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, स्वाभाविक है कि कथित राशन घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तारियां की गईं, यह एक संगठित अपराध है। साथ ही उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि ज्योतिप्रिय मल्लिक अस्वस्थ हैं, हम उनके स्वास्थ्य की कामना करते हैं ताकि वह सारी जानकारी दे सकें। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा था कि अगर ईडी की छापेमारी के दौरान मल्लिक को कुछ हुआ तो भाजपा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित राशन वितरण घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2011 से 2021 तक खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग संभालने वाले मलिक को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।