फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rashtriya Swayamsevak Sangh British Empire considered RSS big threat Sangh chief Mohan Bhagwat says

Mohan Bhagwat: आरएसएस को अपने लिए बड़ा खतरा मानती थी अंग्रेज सरकार, संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान

Mon, 18 Aug 2025 08:16 PM IST
ज्योति भास्कर डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 18 Aug 2025 08:16 PM IST
सार

मोहन भागवत ने कहा कि संघ में कार्य करने वाले बड़ी संख्या में होते हैं, लेकिन पूर्ण कालिक स्वयंसेवक काफी कम होते हैं। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक सबसे पहले अपने जीवन में बदलाव लाते हैं।

विज्ञापन
Rashtriya Swayamsevak Sangh British Empire considered RSS big threat Sangh chief Mohan Bhagwat says
पुस्तक विमोचन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत व अन्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 1942 और उसके बाद अंग्रेज सरकार ने संघ की जासूसी कराई थी। अंग्रेज सरकार के पास इस बात का आंकड़ा रहता था कि संघ की किस शाखा में कितने स्वयंसेवक आते हैं। सरकार के अधिकारियों ने उसे यह रिपोर्ट दी थी कि अपने शुरुआती समय के कारण संघ उस समय सरकार के लिए बड़ा खतरा नहीं था, लेकिन उनका मानना था कि लोगों की संख्या बढ़ने पर संघ अंग्रेजी सरकार के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। संघ प्रमुख ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से संघ को दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ करार दिया था। 

विज्ञापन


मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस में महिलाओं की संख्या पुरुष स्वयंसेवकों से कम नहीं है। हर स्वयंसेवक के परिवार की महिला को भी वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य में सहयोगी मानते हैं क्योंकि उनके सहयोग के बिना स्वयंसेवकों का कार्य सम्भव नहीं है।  लेकिन दिखने के लिए महिलाओं की एक विशेष यूनिट राष्ट्र सेविका समिति को आगे बढ़ाया गया। संघ प्रमुख ने कहा कि यदि राष्ट्र को आगे बढ़ाना है तो आधी आबादी यानी महिलाओं को संघ से बाहर नहीं रख सकते। संघ के विभिन्न कार्यक्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका लगातार आगे बढ़ाई जा रही है। 
विज्ञापन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए महिलाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर समाज को सुधारना है तो 50 प्रतिशत आबादी को अलग नहीं रखा जा सकता। उन्होंने साफ किया कि आरएसएस में महिलाओं की भूमिका को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब यही है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पहले से है और यह आगे और बढ़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

भागवत ने बताया कि आरएसएस महिलाओं के संगठन राष्ट्र सेविका समिति के साथ मिलकर काम करता है। यह संगठन 1936 में महिलाओं के लिए बनाया गया था और RSS की तरह समानांतर रूप से काम करता है। उन्होंने कहा कि समिति की 43 पूर्णकालिक महिला कार्यकर्ता (प्रचारिका) हैं और उनका काम तेजी से बढ़ रहा है। हर साल होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में समिति और अन्य संगठनों की महिला प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है।

भागवत ने कहा कि बैठक में महिलाएं सभी चर्चाओं में भाग लेती हैं और जब महिलाओं से जुड़े विषयों पर निर्णय लेना होता है, तो वही निर्णय करती हैं और हम उसे स्वीकार करते हैं। उन्होंने बताया कि अब महिलाएं आरएसएस के कई विभागों में इम्प्लीमेंटेशन ग्रुप्स में भी काम करने लगी हैं और आने वाले समय में इनकी भागीदारी और बढ़ेगी।


सोमवार को दिल्ली में एक पुस्तक का लोकार्पण करने के अवसर पर मोहन भागवत ने कहा कि संघ में कार्य करने वाले बड़ी संख्या में होते हैं, लेकिन पूर्ण कालिक स्वयंसेवक काफी कम होते हैं। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक सबसे पहले अपने जीवन में बदलाव लाते हैं, उसके बाद उसे देखते हुए आपसी विमर्श से  अन्य लोगों के जीवन में बदलाव आता है। 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आरएसएस की पहचान सेवा और अनुशासन है। उन्होंने कहा कि उनके सामाजिक सेवा क्षेत्र में प्रवेश करने का सबसे बड़ा कारण आरएसएस को ही जाता है जिसके कारण वे इस क्षेत्र में आ गईं। वे चार बहनों और एक भाई के बीच पली बढ़ी, ऐसे में उनका परिवार उनके सामाजिक सेवा क्षेत्र में जाने को लेकर बहुत सकारात्मक नही था, लेकिन संघ के एक पदाधिकारी के सुझाव से आश्वस्त होने के कारण उनकी मां ने उन्हें सामाजिक सेवा क्षेत्र में जाने की अनुमति दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed