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RSS: राष्ट्र सेविका समिति ने मनाया होली मिलन समारोह, परिवार के जरिए समाज में बदलाव का लिया संकल्प
Thu, 06 Mar 2025 10:02 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 06 Mar 2025 10:02 PM IST
सार
Rashtra Sevika Samiti: राष्ट्र सेविका समिति ने आज दिल्ली में पत्रकारों के साथ 'होली मंगल मिलन समारोह' आयोजित किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका समाज और परिवार के निर्माण में उनकी भूमिका को सराहा गया।
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फोटो- राष्ट्र सेविका समिति के होली मिलन समारोह में चारू कालरा, विजया शर्मा और अन्य
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्र सेविका समिति ने आज दिल्ली में पत्रकारों के साथ 'होली मंगल मिलन समारोह' आयोजित किया। इस अवसर पर समिति की दिल्ली में प्रांत संयोजिका चारू कालरा ने कहा कि महिलाओं की भूमिका समाज और परिवार के निर्माण में हमेशा से बेहद महत्त्वपूर्ण रही है, लेकिन वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए आज यह अधिक आवश्यक हो गया है कि महिलाएं परिवार और समाज निर्माण में अपनी भूमिका का महत्त्व समझें और इसके माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनर्निर्माण करें।
चारू कालरा ने कहा कि 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के बाद 1936 में गठित की गई राष्ट्र सेविका समिति शुरुआती दौर से अपने इस लक्ष्य को लेकर आगे चलती रही है। लेकिन आधुनिकता की दौड़ में अपनी निज की पहचान भूलती युवा पीढ़ी को अपने पारंपरिक और सनातन धर्म-संस्कृति के गौरव को बताने के लिए आज महिलाओं की भूमिका अधिक महत्त्वपूर्ण हो गई है। उनका मानना है कि यदि महिलाएं अपनी धर्म-संस्कृति से मजबूती से जुड़ी हों तो लव जिहाद जैसी घटनाएं स्वतः घटित नहीं होंगी।
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चारू कालरा ने कहा कि 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के बाद 1936 में गठित की गई राष्ट्र सेविका समिति शुरुआती दौर से अपने इस लक्ष्य को लेकर आगे चलती रही है। लेकिन आधुनिकता की दौड़ में अपनी निज की पहचान भूलती युवा पीढ़ी को अपने पारंपरिक और सनातन धर्म-संस्कृति के गौरव को बताने के लिए आज महिलाओं की भूमिका अधिक महत्त्वपूर्ण हो गई है। उनका मानना है कि यदि महिलाएं अपनी धर्म-संस्कृति से मजबूती से जुड़ी हों तो लव जिहाद जैसी घटनाएं स्वतः घटित नहीं होंगी।
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