{"_id":"5f9cbdea8ebc3e9bbe713ae9","slug":"rare-sight-of-blue-moon-to-be-happen-tonight","type":"story","status":"publish","title_hn":"Blue Moon: राजधानी में दिखा 'ब्लू मून' का दुर्लभ नजारा, अब 19 साल बाद संयोग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Blue Moon: राजधानी में दिखा 'ब्लू मून' का दुर्लभ नजारा, अब 19 साल बाद संयोग
Sun, 01 Nov 2020 06:19 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sun, 01 Nov 2020 06:19 AM IST
विज्ञापन
blue moon
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Blue Moon 2020: अक्टूबर महीना शनिवार को 'ब्लू मून' का गवाह बन गया। इस दौरान एक महीने के भीतर दूसरी बार दुर्लभ पूर्ण चंद्र दिखा। आम तौर पर हर महीने में एक बार पूर्णिमा और एक बार अमावस्या होती है। हालांकि, ऐसा दुर्लभ ही होता है कि एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा (पूर्ण चंद्र) होती है और ऐसे में दूसरे पूर्ण चंद्र को ‘ब्लू मून’ कहा जाता है।
राजधानी दिल्ली में शनिवार को ब्लू मून का दुर्लभ नजारा दिखा। दरअसल, एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा होने पर दूसरी को ब्लू मून कहा जाता है। इससे पहले एक अक्तूबर को पूर्णिमा थी। अगला ब्लू मून साल 2039 में दिखेगा।
विज्ञापन
चंद्र मास की अवधि 29.531 दिनों अथवा 29 दिन, 12 घंटे, 44 मिनट और 38 सेकेंड की होती है, इसलिए एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा होने के लिए पहली पूर्णिमा उस महीने की पहली या दूसरी तारीख को होनी चाहिए।
वर्ष 2018 में दो बार ऐसा अवसर आया जब ‘ब्लू मून’ की घटना हुई थी। उस दौरान पहला ‘ब्लू मून’ 31 जनवरी जबकि दूसरा 31 मार्च को हुआ।
विज्ञापन
राजधानी दिल्ली में शनिवार को ब्लू मून का दुर्लभ नजारा दिखा। दरअसल, एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा होने पर दूसरी को ब्लू मून कहा जाता है। इससे पहले एक अक्तूबर को पूर्णिमा थी। अगला ब्लू मून साल 2039 में दिखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंद्र मास की अवधि 29.531 दिनों अथवा 29 दिन, 12 घंटे, 44 मिनट और 38 सेकेंड की होती है, इसलिए एक ही महीने में दो बार पूर्णिमा होने के लिए पहली पूर्णिमा उस महीने की पहली या दूसरी तारीख को होनी चाहिए।
वर्ष 2018 में दो बार ऐसा अवसर आया जब ‘ब्लू मून’ की घटना हुई थी। उस दौरान पहला ‘ब्लू मून’ 31 जनवरी जबकि दूसरा 31 मार्च को हुआ।