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पोल: रेप के दोषियों को फांसी की सजा देने के कानून से ऐसी घटनाओं में कमी आएगी

Sat, 10 Mar 2018 07:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 10 Mar 2018 07:33 PM IST
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 rape incidents decrease from death penalty laws for those who raped girls aged under 12
amar ujala poll

शुक्रवार (9 मार्च) को राजस्थान विधानसभा में 12 साल तक की उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा देने के प्रावधान वाला बिल पारित किया गया। राजस्थान अब मध्यप्रदेश के बाद देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है, जहां ऐसा बिल पारित हुआ है।

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गौरतलब है कि गृहमंत्री की ओर से दंड विधियां राजस्थान संशोधन विधेयक-2018 विधानसभा के पटल पर रखा था। बिल पर चर्चा के बाद विधानसभा में मुहर लगा दी गई। अब बिल को पहले राज्यपाल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जानकारी के अनुसार बिल में आईपीसी में धारा 376ए जोड़ी जा रही है, जिसमें 12 साल तक की उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपियों को मौत की सजा का प्रावधान किया गया है।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'राजस्थान और मध्यप्रदेश में रेप के दोषियों को फांसी की सजा देने के कानून से क्या ऐसी घटनाओं में कमी आएगी?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 2,688 वोट मिले। इनमें 81.92 फीसदी (2,202 वोट) पाठकों ने माना कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में रेप के दोषियों को फांसी की सजा देने के कानून से ऐसी घटनाओं में कमी आएगी, जबकि 18.08 फीसदी (486 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में रेप के दोषियों को फांसी की सजा देने के कानून से भी ऐसी घटनाओं में कमी नहीं आएगी। 

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