{"_id":"5baca054867a557ed62a58d3","slug":"ranjana-sonawane-first-aadhaar-number-recipient-got-lpg-connection-after-7-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश में सबसे पहले इस महिला को मिला था आधार नंबर, गैस कनेक्शन मिलने में लग गए 7 साल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
देश में सबसे पहले इस महिला को मिला था आधार नंबर, गैस कनेक्शन मिलने में लग गए 7 साल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नंदुरबार
Updated Thu, 27 Sep 2018 02:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के तंभाली गांव की रहने वाली रंजना सोनावने (48) आठ साल पहले सुर्खियों में आई थीं। वह देश की पहली ऐसी नागरिक हैं, जिन्हें आधार नंबर मिला था। तीन बच्चों की मां रंजना का कहना है कि 12 डिजिट के नंबर से उन्हें बहुत जरूरी चीज मिली, और वह है एलपीजी कनेक्शन।
विज्ञापन
रंजना को पांच महीने पहले ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिला है। साल 2010 में रंजना को आधार कार्ड मिलने के बाद ही उनके पति और बच्चों को भी आधार नंबर मिला। वह और उनके पति सदाशिव खेतों में मजदूरी करते हैं। उनके घर में अटैच टॉयलेट तक नहीं है। गांव में रहने वाले सभी 1,505 लोगों के पास अब आधार कार्ड है।
विज्ञापन
ग्राम सेवक प्रवीण विरासे का कहना है कि सभी लोगों को आधार नंबर दिलाने के लिए गांव में नियमित तौर पर कैंप लगाए गए। सोमवार को ही ग्राम पंचायत ने लोगों के घरों में मीटर लगवाने के लिए गांव का दौरा किया। दौरे में पाया गया कि रंजना के घर पर भी सीधा बिजली कनेक्शन नहीं था। कई लोगों के घर अभी भी कच्चे हैं। वहीं गांव की सभी महिलाएं खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं करती हैं।
विज्ञापन
गांव में रहने वाले राजनारायण ठाकरे का कहना है कि गांव के बाकी लोगों की तरह घर में शौचालय बनवाने के लिए उन्हें भी सरकार की तरफ से 12 हजार रुपये की सब्सिडी मिली है। इसके लिए भी आधार की जरूरत थी।