असम के रास्ते राज्यसभा आने पर लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने दी सहमति
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चुनावी हवा पहचानकर रुख बदलने के लिए मशहूर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख रामविलास पासवान ने भाजपा प्रबंधन को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। पासवान ने उन्हें असम से राज्यसभा सदस्य बनाने के भाजपा के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। अस्वस्थ चल रहे पासवान बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे के उस फार्मूले पर भी सहमत हो गए हैं, जिसमें जदयू को 17, भाजपा को 18 और लोजपा को 5 सीटें देने की बात कही गई है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, 72 वर्षीय पासवान बीते कई साल से अपने सांसद पुत्र चिराग पासवान को राजनीति में स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी सियासी विरासत पूरी तरह अपने बेटे को सौंपने की तैयारी कर ली है। इसके लिए वे चिराग को अपनी परंपरागत हाजीपुर लोकसभा सीट पर अपनी जगह चुनाव लड़ाने जा रहे हैं।
अपनी सियासत के लिए उन्होंने राज्यसभा का मैदान चुन लिया है। अप्रैल महीने में असम में राज्यसभा की दो सीट खाली हो रही है, भाजपा ने इसमें से एक सीट पासवान को देने का प्रस्ताव रखा था और वे इस पर सहमत हो गए हैं।
आज अपना सियासी रुख तय करेंगे कुशवाहा
लगातार राजद और विपक्ष से नजदीकियां बढ़ाने का संकेत देकर भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे रालोसपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा का दांव फेल होता दिख रहा है। बीते एक हफ्ते से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया है। उनकी पार्टी में बगावत (दोनों विधायकों और एक सांसद की जदयू से बढ़ती नजदीकी) के बाद भाजपा नेतृत्व उन्हें भाव नहीं देना चाहता है।
भाजपा नेतृत्व ने बिहार के सीट बंटवारे के फार्मूले में भी रालोसपा को जगह नहीं दी है। ऐसे में पासवान से भी समर्थन नहीं मिलने पर अलग-थलग पड़ गए कुशवाहा ने शनिवार को सियासी रुख तय करने के लिए पार्टी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राजनीतिक हलकों में कयास है कि कुशवाहा एनडीए छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं।