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राम मंदिर के लिए मस्जिद हटाने का सुझाव देने वाले नदवी को मुस्लिम बोर्ड से निकाला
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली/ लखनऊ
Updated Sun, 11 Feb 2018 09:14 PM IST
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maulana nadavi
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मस्जिद हटाने का सुझाव देने वाले मौलाना सैयद सलमान हुसैन नदवी को बोर्ड से रविवार को निकाल दिया। बोर्ड ने कहा कि बाबरी मस्जिद अनंत काल तक मस्जिद ही रहेगी। इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसे फिर से बनाने की कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
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हैदराबाद में खत्म 26वें पूर्ण सम्मेलन के बाद बोर्ड के सदस्य कासिम रसूल इलियास ने नदवी को कार्यकारिणी से बर्खास्त किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बोर्ड बाबरी मामले में अपने पुराने रुख पर कायम है कि मस्जिद को न तो शिफ्ट किया जा सकता है और न ही जमीन को गिफ्ट या बेचा जा सकता है।
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नदवी बोर्ड के फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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नदवी ने कुछ दिन पहले ही आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के साथ बंगलूरू में बैठक के बाद कहा था कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद विवादित स्थल से 200 किलोमीटर दूर भी बने तो कोई दिक्कत नहीं है। इस्लाम मस्जिद को शिफ्ट करने की इजाजत देता है। हालांकि उनके सुझाव को हैदराबाद में शुक्रवार को बोर्ड बैठक में सिरे से नकार दिया गया। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 14 मार्च को अगली सुनवाई होनी है।
तीन तलाक पर केंद्र का बिल संविधान और शरिया विरोधी
बोर्ड ने एक साथ तीन तलाक पर केंद्र द्वारा लाए गए बिल को महिला विरोधी करार दिया। कहा कि इससे महिलाओं की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएंगी। साथ ही यह संविधान और शरिया के भी खिलाफ है। बोर्ड इस बिल को राज्यसभा से पास होने से रोकने के लिए कोशिशें करता रहेगा। साथ ही बिल के खिलाफ समुदाय के बीच जागरूकता अभियान भी चलाएगी।
बोर्ड की तानाशाही, इसे तत्काल भंग कर देना चाहिए
मौलाना सलमान हुसैन नदवी ने अपनी बर्खास्तगी पर कहा कि बोर्ड में कुछ लोगों की तानाशाही चल रही है। निकालने से पहले नोटिस तक नहीं दिया गया। उन्होंने खुद को पहले ही बोर्ड से अलग कर लिया था।
बोर्ड का गठन जिस मकसद से किया गया था, वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसलिए इसे तत्काल भंग कर देना चाहिए और इसकी जगह शरीयत एप्लीकेशन बोर्ड बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका रास्ता शांति और अमन का है। इसलिए श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की थी। अयोध्या विवाद के हल के लिए सुलह व समझौते की कोशिश चलती रहेगी। वह जल्द ही साधु संतों से मिलने अयोध्या भी जाएंगे।
बोर्ड का फैसला चौंकाने वाला
अयोध्या मामले पर सुलह की कोशिश कर रहे श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि मौलाना सलमान हुसैन नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड से निकाले जाने का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि बोर्ड के कई सदस्य उनसे मिलते रहे हैं। इन सभी ने हिंदू और मुसलमानों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने तथा अयोध्या मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता भी जताई।
बोर्ड की तानाशाही, इसे तत्काल भंग कर देना चाहिए
मौलाना सलमान हुसैन नदवी ने अपनी बर्खास्तगी पर कहा कि बोर्ड में कुछ लोगों की तानाशाही चल रही है। निकालने से पहले नोटिस तक नहीं दिया गया। उन्होंने खुद को पहले ही बोर्ड से अलग कर लिया था।
बोर्ड का गठन जिस मकसद से किया गया था, वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसलिए इसे तत्काल भंग कर देना चाहिए और इसकी जगह शरीयत एप्लीकेशन बोर्ड बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका रास्ता शांति और अमन का है। इसलिए श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की थी। अयोध्या विवाद के हल के लिए सुलह व समझौते की कोशिश चलती रहेगी। वह जल्द ही साधु संतों से मिलने अयोध्या भी जाएंगे।
बोर्ड का फैसला चौंकाने वाला
अयोध्या मामले पर सुलह की कोशिश कर रहे श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि मौलाना सलमान हुसैन नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड से निकाले जाने का फैसला चौंकाने वाला है क्योंकि बोर्ड के कई सदस्य उनसे मिलते रहे हैं। इन सभी ने हिंदू और मुसलमानों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने तथा अयोध्या मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता भी जताई।