अयोध्या में भूमि पूजन के बाद बोले इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष- मस्जिद थी और रहेगी
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अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमि पूजन हो चुका है। इसके साथ ही भव्य राम मंदिर के निर्माण की नींव रख दी गई है। इसी बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी का एक विवादित बयान सामने आया है। उनका कहना है कि इस्लाम कहता है कि मस्जिद थी और रहेगी।
बता दें कि पिछले साल उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में विवादित भूमि राम लला को सौंपने का आदेश दिया था। जहां अदालत के इस फैसले का पूरे देश ने स्वागत किया वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो आज भी वैमनस्य फैलाने में जुटे हुए हैं। वहीं बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी।
मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी ने कहा, 'इस्लाम कहता है कि एक मस्जिद हमेशा एक मस्जिद ही होगी। इसे कुछ और बनाने के लिए नहीं तोड़ा जा सकता है। हमारा मानना है कि यह एक मस्जिद थी और हमेशा एक मस्जिद ही रहेगी। मस्जिद को मंदिर ध्वस्त करने के बाद नहीं बनाया गया था मगर अब मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को ध्वस्त किया जा सकता है।'
Islam says a mosque will always be a mosque. It can't be broken to build something else. We believe it was, and always will be a mosque. Mosque wasn't built after demolishing temple but now maybe temple will be demolished to build mosque: Sajid Rashidi, Pres, All India Imam Assn pic.twitter.com/DzlbYQ3qdm
— ANI (@ANI) August 6, 2020
इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी भूमि पूजन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। भूमि पूजन से पहले सुबह-सुबह ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा था, 'बाबरी मस्जिद थी है और रहेगी। इंशाअल्लाह।'
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वहीं भूमि पूजन पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विवादित टिप्पणी करते हुए शीर्ष अदालत के फैसले पर सवाल खड़े किए थे। बोर्ड ने कहा था कि अन्यायपूर्ण, दमनकारी, शर्मनाक और बहुसंख्यक तुष्टीकरण के आधार पर भूमि का पुनर्निर्धारण करने वाला फैसला इसे बदल नहीं सकता है। बोर्ड ने ट्वीट में तुर्की के हागिया सोफिया मस्जिद की चर्चा करते हुए कहा था कि स्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहती हैं।