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राम मंदिर: प्राण प्रतिष्ठा में नहीं जाएंगे येचुरी, मीनाक्षी लेखी का तंज- जिन्हें राम बुलाएंगे वहीं आएंगे

Tue, 26 Dec 2023 05:38 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Tue, 26 Dec 2023 05:38 PM IST
सार

राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारी तेज हो गई है। 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम के लिए तमाम गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया गया। इस दौरान सीताराम येचुरी ने कहा कि वह शामिल नहीं होंगे, तो मीनाक्षी लेखी ने कहा कि जिन्हें राम बुलाएंगे वो ही आएंगे।

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Ram Mandir: Yechury will not go to Pran Pratistha, Meenakshi Lekhi dig at yechury
मीनाक्षी लेखी- सीताराम येचुरी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई लोगों को भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। कर्नाटक के पूर्व सीएम और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी को भी आमंत्रित किया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने अयोध्या में राम मंदिर के उद्धाटन में शामिल होने के लिए मिलने वाले आमंत्रण को ठुकरा दिया है। मंगलवार को सीपीआई(एम) ने बयान में कहा कि धर्म एक निजी पसंद है। 
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सीपीआई(एम) ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
सीपीआई(एम) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट साझा करते हुए कहा कि हमारी नीति धार्मिक मान्यताओं और प्रत्येक व्यक्ति के अपने विश्वास को आगे बढ़ाने के अधिकार का सम्मान करना है। धर्म एक निजी पसंद है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी के नेता सीताराम येचुरी समारोह में शामिल नहीं होंगे। बता दें सीताराम येचुरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्धाटन समारोह में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। 
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धार्मिक समारोह को सरकारी कार्यक्रम में बदल दिया- येचुरी
सीपीआई(एम) पार्टी ने पोस्ट में कहा कि यह दुखद है कि भाजपा और आरएसएस ने धार्मिक समारोह को सरकारी प्रायोजित कार्यक्रम में बदल दिया है, जहां प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और अन्य शामिल होंगे। पार्टी ने पोस्ट में कहा कि भारत में शासन का एक बुनियादी सिद्धांत है। सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है, देश का कोई धार्मिक जुड़ाव नहीं होता है। कार्यक्रम के आयोजन से शासन द्वारा उल्लंघन किया जा रहा है। 
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बृंदा करात ने कहा- यह धर्म का राजनीतिकरण
सीपीआई-एम के पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी राम मंदिर के उद्घाटन में शामिल नहीं होगी, क्योंकि यह धर्म का राजनीतिकरण करने के लिए किया जा रहा कार्यक्रम है। करात ने कहा कि उनकी पार्टी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है। लेकिन, भाजपा राजनीति के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रही है, जो गलत है।

मीनाक्षी लेखी ने सीताराम येचुरी पर कसा तंज
राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सीपीआई(एम) नेता सीताराम येचुरी के शामिल होने से इनकार करने के बाद भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने उन पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सभी को आमंत्रण भेज दिए गए हैं, जिन्हें भगवान राम ने बुलाया है, वे ही शामिल होंगे। 


विहिप का सीताराम येचुरी पर कटाक्ष
विश्व हिंदू परिषद ने मंगलवार को सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी द्वारा अयोध्या में राम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाले समारोह का आमंत्रण ठुकराने पर कटाक्ष किया है उन्होंने कहा कि वह राम, रामत्व और भारत की ओर लौटना है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि जिसका नाम सीताराम है, वह अयोध्या नहीं जाएंगे। राजनीतिक विरोध समझ में आता है, लेकिन अगर किसी को अपने नाम से इतनी नफरत है तो वह केवल कम्युनिस्ट ही हो सकता है।
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