{"_id":"5edb26982ea9e658fe7a43a5","slug":"rajyasabha-election-congress-may-back-jds-leader-hd-deve-gowda-to-block-rival-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यसभा चुनाव: भाजपा को रोकने के लिए देवेगौड़ा को समर्थन दे सकती है कांग्रेस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राज्यसभा चुनाव: भाजपा को रोकने के लिए देवेगौड़ा को समर्थन दे सकती है कांग्रेस
Sat, 06 Jun 2020 10:46 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 06 Jun 2020 10:46 AM IST
विज्ञापन
एचडी देवगौड़ा (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के सुप्रीमो एचडी देवेगौड़ा के दोबारा संसद भवन में दिखाई देने की उम्मीद है। कांग्रेस उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा सीट पर समर्थन देने के लिए तैयार है। पार्टी ने यह कदम आगामी राज्यसभा चुनाव में भाजपा के खाते में एक अतिरिक्त सीट को जाने से रोकने के लिए किया है।
विज्ञापन
कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी एक सीट के लिए पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व लोकसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम की घोषणा की। कांग्रेस दक्षिणी राज्य से एक उम्मीदवार को आसानी से उच्च सदन भेज सकती है। खड़गे 2019 के लोकसभा चुनाव में हार गए थे। वहीं राज्य में कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन ने मिलकर सरकार बनाई थी।
विज्ञापन
हालांकि यह गठबंधन सरकार ज्यादा समय तक नहीं चल सकी क्योंकि बड़ी संख्या में कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। खड़गे के समर्थन में वोट देने के बावजूद कांग्रेस के पास 14 अतिरिक्त विधायकों के वोट बचेंगे। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि इन वोटों का इस्तेमाल प्रतिद्वंद्वी भाजपा को रोकने के लिए किया जाएगा।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि देवेगौड़ा या फिर किसी अन्य स्वीकार्य उम्मीदवार को पार्टी समर्थन दे सकती है। सूत्र का कहना है कि जेडीएस ने अब तक कांग्रेस से संपर्क नहीं किया है लेकिन दोनों पार्टियां मिलकर एक अन्य गैर भाजपा प्रतिनिधि को राज्यसभा भेजने में सक्षम हैं। यदि दोनों पार्टियों के बीच इसे लेकर सहमति बन जाती है तो इससे विपक्ष की गिनती बढ़ जाएगी।
बता दें कि उच्च सदन में सत्तापक्ष के मुकाबले विपक्ष की स्थिति कमजोर है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद उनके समर्थकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। इससे राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को मध्यप्रदेश से सुनिश्चित दूसरी सीट का नुकसान झेलना पड़ेगा।