राज्यसभा: अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में आतंकी वारदात और पत्थरबाजी में आई कमी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 22 Sep 2020 08:06 AM IST
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Rajya Sabha - फोटो : ANI

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सरकार ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से आतंकी वारदात, पत्थरबाजी और आतंकी हमलों में नागरिकों व सुरक्षा बलों की मौत में काफी कमी आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि 5 अगस्त, 2019 के मुकाबले 2020 में इन आंकड़ों में काफी कमी आई है।
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गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने सांसद अनिल देसाई के प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि राज्य से विशेष दर्जा हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से इन वारदातों में कमी आई है।
आंकड़ा पेश करते हुए मंत्री ने बताया कि 7 अगस्त, 2018 से 4 अगस्त, 19 तक 443 आतंकी वारदात के मुकाबले 5 अगस्त, 2019 तक केवल 206 वारदात हुई। इस दौरान पत्थरबाजी की 703 के मुकाबले 310 रह गई। वहीं नागरिकों की मौत का आंकड़ा भी 54 से घट कर 45 रह गया, जबकि सुरक्षा बलों के 125 के मुकाबले 49 जवान ही शहीद हुए।
केंद्रीय पुलिस बलों में एक लाख पद खाली
सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि बीएसएफ, सीआपीएफ जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में एक लाख से ज्यादा पद खाली हैं। ज्यादातर रिक्तियां जवानों के सेवानिवृत्त होने, इस्तीफा देने या मृत्यु के कारण हैं।

गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा कि सबसे ज्यादा रिक्तियां 28,926 बीएसएफ में हैं। उसके बाद सीआरपीएफ में 26,506, सीआईएसएफ 23,906, सशस्त्र सीमा बल 18,643, असम राइफल्स में 7,328, जबकि सबसे कम रिक्तियां आईटीबीपी में 5,784 हैं।

रासुका में दो वर्षों में 1,200 लोग पकड़े
गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने सदन को बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत 2017 और 18 में करीब 1200 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनमें से 563 अब भी हिरासत में हैं। 2018 में प्रकाशित राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया।

देश की 1350 जेलों में 4.78 लाख कैदी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि देश की 1350 जेलों में 4,78,600 बंद हैं। जबकि इन जेलों की अधिकतम क्षमता 4,03,739 कैदियों की है। ये आंकड़े दिसंबर 2019 तक के हैं। गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने एक लिखित जवाब में एनसीआरबी के हवाले से इसकी जानकारी दी।

तब्लीगी जमात के कार्यक्रम से कई लोगों तक फैला संक्रमण
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मार्च में हुए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में लोगों के जुटने के चलते कोरोना वायरस कई लोगों तक फैला।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने तब्लीगी जमात के 233 सदस्यों को गिरफ्तार किया और 29 मार्च से संगठन के मुख्यालय से 2,361 लोगों को निकाला गया है। एक लिखित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जमात प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद के बारे में जांच चल रही है।

दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 के प्रकोप के संबंध में विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और आदेशों के बावजूद, एक बंद परिसर के अंदर बहुत बड़ी सभा हुई। इसमें मास्क पहनने तथा संक्रमण मुक्त करने के नियमों का पालन नहीं हुआ तथा सामाजिक दूरी रखने के प्रावधानों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि इससे कई व्यक्तियों में कोरोना वायरस संक्रमण फैला।
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