फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rajnath Singh said Our armed forces will give befitting reply to anyone trying to cast an evil eye on India

Rajnath Singh: 'हम पर बुरी नजर डालने वालों को सशस्त्र बल मुंहतोड़ जवाब देंगे', राजनाथ की चीन-पाक को दो टूक

Mon, 14 Aug 2023 11:14 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 14 Aug 2023 11:14 PM IST
सार

रक्षा मंत्री ने कहा, एक देश के रूप में हमारे प्राचीन सिद्धांत पूरी दुनिया को यह संदेश देते हैं, कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। हम न सिर्फ शांति चाहते हैं, बल्कि अपने कार्यों से शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर करते हैं। लेकिन साथ ही साथ हम इस बारे में भी बिल्कुल स्पष्ट हैं, कि यदि कोई गलत इरादे से या शत्रुता का भाव से हमारी ओर देखने की हिम्मत करता है, तो हमारी सेनाएं उसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। 

विज्ञापन
Rajnath Singh said Our armed forces will give befitting reply to anyone trying to cast an evil eye on India
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद और सीमा पार आतंकवाद को पाकिस्तान के समर्थन के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत हमेशा से एक शांतिप्रिय देश रहा है, लेकिन "बुरे इरादे या शत्रुता" का भाव रखने वाले को छोड़ेगा नहीं। देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सिंह ने यह भी कहा कि सरकार सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक शस्त्रों से सुसज्जित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और भावी चुनौतियों को पूरा करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण दे रही है।

विज्ञापन


रक्षा मंत्री ने कहा, एक देश के रूप में हमारे प्राचीन सिद्धांत पूरी दुनिया को यह संदेश देते हैं, कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है। हम न सिर्फ शांति चाहते हैं, बल्कि अपने कार्यों से शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर करते हैं। लेकिन साथ ही साथ हम इस बारे में भी बिल्कुल स्पष्ट हैं, कि यदि कोई गलत इरादे से या शत्रुता का भाव से हमारी ओर देखने की हिम्मत करता है, तो हमारी सेनाएं उसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। रक्षा मंत्री ने सैनिकों को दिए संदेश में यह बात कही। संदेश का प्रसारण आकाशवाणी पर किया गया।
विज्ञापन


भारत की संप्रभुता बनाकर रखने में जवानों की भूमिका का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि अपनी सुविधाओं का ख्याल रखे बिना अपने जीवन को दांव पर लगाकर सीमाओं की पहरेदारी करने वाले बहादुर सैनिकों के साथ यह देश खड़ा है। उन्होंने कहा, सशस्त्र बल अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान तभी दे सकते हैं जब उन्हें सर्वश्रेष्ठ उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। ये कदम जवानों का मनोबल बढ़ाते हैं, उन्हें चुनौतियों से उबरने और विजयी बनाने में मदद करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजनाथ सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत सरकार अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। हमारे सशस्त्र बलों को नई चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक सशक्त, और क्षमतावान बनाने की जरूरत है। सिंह ने कहा कि नई उभरती जरूरतों के मुताबिक नई शाखाएं और ट्रेड बनाए जा रहे हैं। रक्षा मंत्री ने जवानों के प्रति देश का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, 77वें स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर, चाहे आप कारगिल की बर्फीली चोटियों पर खड़े हों, जहां ऑक्सीजन की कमी है..., चाहे आप गहरे समुद्र में पनडुब्बी में खड़े हों..., चाहे आप थार के तपते रेगिस्तान में खड़े हों... , या चाहे आप भारत के उत्तर-पूर्व में सदाबहार जंगलों के बीच में खड़े हों, आप जहां भी हों, मैं कहना चाहता हूं कि आप सभी 140 करोड़ भारतीयों के दिलों में रहते हैं।

उन्होंने कहा, देश पूरे हर्षोल्लास के साथ अपना स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। देश इतना निश्चिंत होकर यह उत्सव इसलिए मना पा रहा है, क्योंकि देश जानता है कि सीमाओं पर खड़े होकर आप सब भारत की सुरक्षा कर रहे हैं। साथियों, भारत 1947 में स्वतंत्र अवश्य हुआ, लेकिन इस स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए जो सर्वोच्च बलिदान आप सैनिकों ने दिया है, उसके लिए राष्ट्र सदैव आपका ऋणी रहेगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों में ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की मांग लंबे समय से चली आ रही थी, लेकिन निर्णय लेने की क्षमता के अभाव और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के चलते इस पर काम कुछ नहीं हो पाता था। रक्षा मंत्री ने बताया कि 'वन रैंक वन पेंशन' योजना के लिए सशस्त्र बलों की लंबे समय से लंबित मांग को सरकार ने 2014 में सत्ता में आते ही पूरा किया। इस योजना का पुनरीक्षण इस वर्ष हो चुका है और 17 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को 8,413 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर उन्होंने कहा कि सेना में महिलाओं के लिए समान अवसर होने चाहिए। उन्होंने कहा, सशस्त्र बलों में महिला सशक्तीकरण के लिए हाल के वर्षों में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। भारतीय सेना ने इस वर्ष पहली बार पांच महिला अधिकारियों को आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल किया है।’


सिंह ने कहा, आर्टिलरी रेजिमेंट में महिला अधिकारियों को शामिल करना, भारतीय सेना में लैंगिक समानता के लिए हमारी सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का बड़ा प्रमाण है। देश की प्रतिभाशाली बेटियों को सैनिक स्कूलों में दाखिले के लिए हमारी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस निर्णय के बाद आज देश के अनेक सैनिक स्कूलों में 1,600 से ज्यादा बालिकाएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कदम से देश की रक्षा में बहादुर बेटियों की भागीदारी और भी बढ़ेगी और आने वाले समय में वे नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed