राजनाथ सिंह बोले- 'भारत को रक्षा और एयरो स्पेस उद्योगों में शीर्ष पांच देशों में शामिल करना हमारा मकसद'
पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण सीमा गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत शांतप्रिय देश है और उसका मानना है कि स्वदेशी रक्षा क्षमता स्थायी शांति’की बुनियाद है।
आगामी एयरो इंडिया 2021 प्रदर्शनी पर विदेशी राजदूतों के समूह को राजनाथ सिंह ने डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। संबोधन के दौरान सिंह ने भारत को अहम सैन्य (आयुधों) मंचों एवं हथियार प्रणालियों का उत्पादन केंद्र बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न सुधारों का जिक्र भी किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'भारत रक्षा एवं एयरो स्पेस के क्षेत्र में दुनिया के पांच शीर्ष देशों में आने के लिए दृढ़संकल्प है। सिंह ने कहा कि 'हम दुनिया के उन चंद देशों में से एक हैं जो चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान, परमाणु पनडुब्बी, मुख्य युद्ध टैंक और अंतरमहाद्वीय बैलेस्टिक मिसाइलें बनाता है। हमारा उद्देश्य डिजाइन से लेकर सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की सक्रिय भागीदारी के साथ उत्पादन, आत्मनिर्भरता और अन्य मैत्रीपूर्ण देशों की मांगों को पूरा करना है।'
राजनाथ सिंह ने कहा कि 'एयरो इंडिया ने भारतीय रक्षा और एयरो स्पेस उद्योगों की क्षमताओं को दिखाने के लिए खुद के लिए एक जगह बनाई है और यह एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बन गया है। द्विवार्षिक एयर शो, और विमानन प्रदर्शनी का 13वां संस्करण तीन से सात फरवरी 2021 से आयोजित होने वाला है।'
उन्होंने कहा कि ‘हम शांतिप्रिय देश हैं। हम दुनियाभर में शांति एवं स्थायित्व के लिए कटिबद्ध हैं । हम इस विश्वास के लिए प्रतिबद्ध हैं कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा क्षमता स्थाई शांति की बुनियाद है।’ अधिकारियों के अनुसार 75 से अधिक देशों के राजदूतों, मिशन प्रमुखों और रक्षा अधिकारियों ने इस ऑनलाइन सम्मेलन में हिस्सा लिया।
भारत को रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में निवेश के लिए आकर्षक स्थल के रूप में पेश करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘इस दुनिया को और सुरक्षित, शांतपूर्ण और समृद्ध स्थान बनाने के लिए आपस में हाथ मिलाने और सोद्देश्य एवं प्रगतिशील तरीके से अपना स्वाभाविक गठबंधन बनाने की राह में आने वाली रुकावटों को हमें दूर करने की जरूरत है।’
राजदूतों से अपने अपने देशों के रक्षा विनिर्माताओं एवं नीति निर्माताओं को एयरो इंडिया में शिरकत करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कारोबारी संभावनाओं को खंगालने हेतु एयरो स्पेस उद्योग के लिए अहम मंच है।
#AeroIndia has made a place for itself & be a leading international event in showcasing capabilities of Indian defence & aerospace industries. This 13th edition of the biennial air show, & aviation exhibition is scheduled to be held from Feb 3rd- 7th, 2021: Rajnath Singh https://t.co/hPfloPiXmh
— ANI (@ANI) October 7, 2020
बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने एयरो इंडिया का 13वां सत्र कोरोना वायरस महामारी के बावजूद अगले वर्ष बंगलूरू में तीन से सात फरवरी के बीच आयोजित करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। सूत्रों के मुताबिक पारंपरिक तरीके से बंगलूरू में होने वाला इस द्विवार्षिकी कार्यक्रम का आयोजन मंत्रालय ने घरेलू रक्षा उद्योग और प्रमुख वैश्विक ऐयरो स्पेस जगत से चर्चा के बाद निर्धारित समय के अनुसार करने का फैसला किया है। यह आयोजन एशिया की सबसे बड़ी एयरो स्पेस प्रदर्शनी है। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस आयोजन के सिलसिले में कई आंतिरक बैठकें भी की हैं।
एयरो इंडिया प्रदर्शनी की शुरुआत 1996 में हुई थी और तब से यह बंगलूरू में आयोजित हो रही है। सूत्रों ने बताया कि एयरो स्पेस उद्योग में विश्व की रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां और प्रमुख निवेशक हिस्सा लेंगे। इनके अलावा कई देशों के आधिकारिक प्रतिनिधियों के भी इसमें शिरकत करने की संभावना है। रक्षा मंत्रालय की योजना इस आयोजन के जरिए भारत के रक्षा उत्पादन की पहल से दुनिया को अवगत कराना है।