राजीव प्रताप रूडी बोले- दिमागी बुखार के पीछे 'लीची' जिम्मेदार नहीं, हो सकता है चीन की साजिश हो
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बिहार में दिमागी बुखार के कहर से 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम(एईएस) बीमारी के पीछे का एक कारण लीची भी बताई जा रही है, जबकि इसके पीछे अन्य कई बड़े कारण हैं। इस बीच शुक्रवार को सारण से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि बच्चों की मौत के लिए केवल लीची को जिम्मेदार ठहराया जाना उचित नहीं है। इससे लीची के निर्यात में भारी कमी आई है। उन्होंने बातों ही बातों में इसके पीछे चीन की साजिश होने की भी आशंका जता डाली।
उन्होंने कहा कि मुझे बचपन से लीची बहुत पसंद है, आप सभी को भी पसंद होगा। हम लोग शुरू से लीची खाते आए हैं, लेकिन इससे कभी हम बीमार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में जितनी लीची का फसल है, उसमें 40 फीसदी हिस्सेदारी भारत की है। इसमें से एक बड़ी हिस्सेदारी बिहार की है।
RP Rudy,BJP: Today more than 30 hectares of litchis is produced in Bihar. All exports have been stopped. My concern is, is it actually litchis or something else. Litchis is a cash crop. Don't kill this industry, let's be more pragmatic&find the reason behind the children's death. https://t.co/lSLHWGtHTB
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 21, 2019
उन्होंने कहा कि हर साल हजारों करोड़ रुपये की लीची का निर्यात होता है। भारत के बाद सबसे अधिक लीची अगर कहीं होता है तो वह है चीन। हजारों करोड़ का लीची आज बंदरगाहों पर रखी हुई है। निर्यात रुक गया है।
रूडी ने कहा कि यह समझना जरुरी है कि लीची खाने से बच्चे मरे हैं या कोई और कारण है? कहीं यह साजिश तो नहीं है। लोगों तक सच्चाई पहुंचाने की जरूरत है कि इंस्फेलाटिस का कारण क्या है? क्या यह चीन के कारण...मैं आरोप नहीं लगा रहा हूं। कहीं यह साजिश नहीं हो। सच्चाई जानना जरुरी है, ताकि किसानों को नुकसान नहीं पहुंचे।