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राजीव गांधी हत्याकांडः लंदन में बसने की तैयारी में पूर्व पीएम के हत्यारे, केंद्र भेजेगा श्रीलंका

Fri, 15 Sep 2023 07:55 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 15 Sep 2023 07:55 PM IST
सार

नलिनी ने याचिका में बताया कि अब वह और उसके पति मुरुगन चाहते हैं कि वह भी बेटी के साथ लंदन में रहें। ऐसे में पासपोर्ट लेने और श्रीलंकाई दूतावास जाने के लिए मुरुगन को स्पेशल कैंप से बाहर आने की जरूरत है।

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rajiv gandhi assassination sri lankan convicts deportion in process centre tells madras high court
राजीव गांधी की हत्या की दोषी एस नलिनी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट को सूचित किया है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के श्रीलंकाई हत्यारों को उनके देश निर्वासित करने के लिए कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय के अप्रवासन ब्यूरो के विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी पीवे अरुणशक्तिकुमार ने गुरुवार को दायर किए गए अपने हलफनामे में यह जानकारी दी। बता दें कि पूर्व पीएम की हत्या के सात दोषियों में से एक एस नलिनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसके पति को विशेष कैंप से रिहा करने की मांग की थी। 
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लंदन में बसने की तैयारी में राजीव गांधी के हत्यारे
एस नलिनी के पति और पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के दोषी श्रीहरन उर्फ मुरुगन को तिरुचिरापल्ली स्थित विशेष कैंप में रखा गया है। अपनी याचिका में एस नलिनी ने बताया कि जब उसे गिरफ्तार किया गया था तो वह गर्भवती थी और 19 दिसंबर 1992 को जेल में रहने के दौरान ही उनकी बेटी का जन्म हुआ था। फिलहाल उनकी बेटी अपने पति और बच्चों के साथ लंदन में रहती है। नलिनी ने याचिका में बताया कि अब वह और उसके पति मुरुगन चाहते हैं कि वह भी बेटी के साथ लंदन में रहें। ऐसे में पासपोर्ट लेने और श्रीलंकाई दूतावास जाने के लिए मुरुगन को स्पेशल कैंप से बाहर आने की जरूरत है। नलिनी ने अपने पति को रिहा करने की मांग की। 
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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में दी ये जानकारी
याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा। जिस पर गृह मंत्रालय के अधिकारी ने हलफनामा दायर कर बताया कि पूर्व पीएम की हत्या में शामिल सात दोषियों में से चार दोषी श्रीलंका के हैं और वह अवैध रूप से भारत आए थे। ऐसे में उनके यात्रा के वैध दस्तावेज नहीं हैं। हालांकि इस संबंध में विदेश मंत्रालय को सूचित कर दिया गया है और श्रीलंकाई उच्चायोग से अपील की गई है कि वह चारों दोषियों के पासपोर्ट जारी कर दें ताकि चारों को उनके देश भेजा जा सके।  
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राजीव गांधी की साल 1991 में लिट्टे के आत्मघाती दस्ते द्वारा हत्या कर दी गई थी। दोषियों में से मुरुगन के अलावा संथान, रॉबर्ट पायस और जयकुमार श्रीलंका के निवासी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने चारों को बीते साल ही रिहा करने का आदेश दिया था। हालांकि वैध दस्तावेजों के अभाव में अभी चारों को निर्वासित नहीं किया जा सका है। वहीं पेरारिवालन, नलिनी और रविचंद्रन भारतीय हैं और चारों को रिहा किया जा चुका है। 
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