दिल्ली हिंसा को लेकर केंद्र पर भड़के रजनीकांत, कहा- सत्ता छोड़ दो
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दक्षिण के सुपरस्टार रजनीकांत ने दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में उपद्रवियों ने इतनी बड़ी हिंसा को अंजाम दे दिया जिसमें दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल समेत 20 लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि दंगों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह केंद्र सरकार की खुफिया विफलता है। मैं केंद्र सरकार की कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने मीडिया के एक तबके द्वारा उनके संबंध भाजपा से जोड़े जाने पर भी दुख व्यक्त किया।
Rajinikanth: It is an intelligence failure and hence Home Ministry also failed. Protests can happen peacefully but not in a violent manner. If violence breaks out, it should be dealt with iron hands. #NortheastDelhi pic.twitter.com/idRpHOtCEU
— ANI (@ANI) February 26, 2020
उन्होंने कहा कि इसमें कहीं न कहीं केंद्र सरकार की कमी है। अगर आप से दंगे काबू नहीं किए जा रहे तो आपको सत्ता छोड़ देनी चाहिए। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।
अभिनेता ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों को केंद्र सरकार की असफलता बताया। रजनीकांत ने कहा कि आम लोगों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और आईबी के भी जवान की मौत हुई है, यह कोई छोटी बात नहीं है।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे का हवाला देते हुए कहा कि जब ट्रंप भारत दौरे पर आए थे तब तो सरकार को सावधान रहना चाहिए था। आईबी ने अपना काम ठीक तरह से नहीं किया। उन्होंने कहा कि हिंसा से कड़ाई से निपटना चाहिए था। केंद्र पर तंज कसते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हम आपसे उम्मीद करते हैं कम से कम अब तो सावधान हो जाना चाहिए।
अभिनेता ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन को हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने उस पुराने बयान को भी याद किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर सीएए मुस्लिमों को प्रभावित करता है तो वह मुस्लिमों के साथ खड़े हैं।