एनपीआर के पक्ष में रजनीकांत, कहा- सीएए से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में विरोध और समर्थन में प्रदर्शन का दौर जारी है। इसी बीच फिल्म अभिनेता रजनीकांत ने नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया है। रजनीकांत ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम हमारे देश के किसी भी नागरिक को प्रभावित नहीं करता है, अगर यह मुसलमानों को प्रभावित करता है तो मैं उनके लिए खड़ा होने वाला पहला व्यक्ति बनूंगा। बाहरी लोगों के बारे में पता लगाने के लिए एनपीआर जरूरी है। एनआरसी के बारे में स्पष्ट किया गया है कि यह अभी तक तैयार नहीं हुआ है।
Rajinikanth: Citizenship Amendment Act will not affect any citizen of our country, if it affects Muslims then I will be the first person to stand up for them. NPR is a necessity to find out about the outsiders. It has been clarified that NRC has not been formulated yet. pic.twitter.com/wyXMCY8pH9
— ANI (@ANI) February 5, 2020विज्ञापन
नागरिकता संशोधन कानून और इसके खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शनों के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए रजनीकांत ने यहां पत्रकारों से कहा कि सीएए से मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। अगर उन्हें कोई दिक्कत आती है तो उनके लिए आवाज उठाने वाला मैं पहला शख्स होऊंगा। रजनीकांत ने कहा कि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि भारतीय लोगों को सीएए से कोई परेशानी नहीं होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थी हितों के लिए सीएए के खिलाफ लोगों को भड़का रहे हैं। उन्होंने इस कानून के खिलाफ प्रदर्शनों का समर्थन करने के लिए धार्मिक नेताओं को जिम्मेदार ठहराया और इसे काफी गलत बताया। विभाजन के बाद जिन मुसलमानों ने भारत में रुकने का फैसला किया, उन्हें कैसे देश से बाहर भेजा जाएगा?
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान बहुत ही आवश्यक है और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने भी पूर्व में ऐसा किया था।