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जल्द आ रही है: पहले से ज्यादा तेज राजधानी ट्रेन, ज्यादा यात्री कर सकेंगे सफर
Fri, 22 Feb 2019 12:39 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 22 Feb 2019 12:39 PM IST
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राजधानी एक्सप्रेस
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राजधानी एक्सप्रेस और अन्य एसी एक्सप्रेस ट्रेनों में दो इंजन लगाए जाएंगे जिससे ट्रेन की गति बढ़ जाएगी और यह अपने गंतव्य स्टेनश तक जल्दी पहुंचेगी। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इससे ट्रेन के सफर में करीब एक घंटे तक की कमी आएगी। यही नहीं ट्रेन में पहले से ज्यादा यात्री सफर कर पाएंगे।
भारतीय रेलवे के अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन ने 7 फरवरी को एक्सप्रेस ट्रेनों में दो इंजन के संचालन को प्रमाणित किया। भारतीय रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक 13 फरवरी को दिल्ली-मुंबई राजधानी के दोनों ओर इंजन लगाए गए जिससे यात्रा में 106 मिनट की कमी आई। आमतौर पर 19 घंटों में पूरी होने वाली 1,543 किलोमीटर की यात्रा 17 घंटों में पूरी कर ली गई।
इन नई व्यवस्था में ट्रेन में एयर कंडीशनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली ट्रेन से लगे जेनरेटर के दो डिब्बों की बजाए ट्रेन से ऊपर के केबल से ली जाए जा सकेगी। इसके बाद ट्रेन में एसी थ्री टियर के दो अतिरिक्त डिब्बे भी लगाए जा सकेंगे, जिससे ट्रेन में 100 से ज्यादा अतिरिक्त यात्रियों को बैठाया जा सकेगा और रेलवे की आमदनी भी बढ़ेगी। फिलहाल राजधानी एक्सप्रेस में 22 डिब्बे होते हैं जिसमें 1200 यात्री सफर कर सकते हैं।
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अधिकारी के मुताबिक, पुश और पुल मोड में इंजन लगाने से ट्रेन में होटल लोड वाला कनवर्टर भी लगाना होगा। इसके लगने से हम ट्रेन में एसी थ्री टियर के दो अतिरिक्त कोच लगा सकेंगे, जिससे रेलवे की आय भी बढ़ेगी।
होटल लोड कनवर्टर का इस्तेमाल ट्रेन में क्लाइमेट कंट्रोल (गर्म और ठंडा रखने के लिए) कुकिंग, लाइटिंग और पानी गर्म करने के लिए किया जाता है।
अधिकारियों ने बताया, "सभी राजधानी एक्सप्रेस में यह नई व्यवस्था लागू होगी। इसके जरिए बिना किसी अतिरिक्त खर्च के ट्रेन की औसत गति बढ़ाई जा सकेगी। राजधानी ट्रेन की गति बढ़ने से बाकी ट्रेनों को भी बेहतर करने के विकल्प तैयार होंगे।"
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भारतीय रेलवे के अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन ने 7 फरवरी को एक्सप्रेस ट्रेनों में दो इंजन के संचालन को प्रमाणित किया। भारतीय रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक 13 फरवरी को दिल्ली-मुंबई राजधानी के दोनों ओर इंजन लगाए गए जिससे यात्रा में 106 मिनट की कमी आई। आमतौर पर 19 घंटों में पूरी होने वाली 1,543 किलोमीटर की यात्रा 17 घंटों में पूरी कर ली गई।
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इन नई व्यवस्था में ट्रेन में एयर कंडीशनिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली ट्रेन से लगे जेनरेटर के दो डिब्बों की बजाए ट्रेन से ऊपर के केबल से ली जाए जा सकेगी। इसके बाद ट्रेन में एसी थ्री टियर के दो अतिरिक्त डिब्बे भी लगाए जा सकेंगे, जिससे ट्रेन में 100 से ज्यादा अतिरिक्त यात्रियों को बैठाया जा सकेगा और रेलवे की आमदनी भी बढ़ेगी। फिलहाल राजधानी एक्सप्रेस में 22 डिब्बे होते हैं जिसमें 1200 यात्री सफर कर सकते हैं।
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इस नई व्यवस्था में क्या खास है
रेलवे के अधिकारी ने बताया, " दो इंजन लगाने की पहल पूरी तरह से मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट है। इसमें बिना अतिरिक्त खर्च के ट्रेन की गति बढ़ेगी और सफर का समय कम होगा। इसके बाद ट्रेन के इंजन को हटाने और लगाने की परेशानी भी खत्म होगी।"अधिकारी के मुताबिक, पुश और पुल मोड में इंजन लगाने से ट्रेन में होटल लोड वाला कनवर्टर भी लगाना होगा। इसके लगने से हम ट्रेन में एसी थ्री टियर के दो अतिरिक्त कोच लगा सकेंगे, जिससे रेलवे की आय भी बढ़ेगी।
होटल लोड कनवर्टर का इस्तेमाल ट्रेन में क्लाइमेट कंट्रोल (गर्म और ठंडा रखने के लिए) कुकिंग, लाइटिंग और पानी गर्म करने के लिए किया जाता है।
अधिकारियों ने बताया, "सभी राजधानी एक्सप्रेस में यह नई व्यवस्था लागू होगी। इसके जरिए बिना किसी अतिरिक्त खर्च के ट्रेन की औसत गति बढ़ाई जा सकेगी। राजधानी ट्रेन की गति बढ़ने से बाकी ट्रेनों को भी बेहतर करने के विकल्प तैयार होंगे।"