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राजदीप बोले- 'मुझसे जज ने कहा था, मुसलमान बदलने वाला नहीं'
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 29 May 2016 12:07 PM IST
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- फोटो : फेसबुक
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पत्रकार राणा अयूब की गुजरात दंगों पर स्टिंग ऑपरेशन को लेकर लिखी गई किताब ‘गुजरात फाइल्स-अनाटॉमी ऑफ ए कवर अप’ शुक्रवार (27 मई) को नई दिल्ली में लॉन्च की गई। बुक लॉन्च के मौके पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, हरतोष सिंह बल और वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह भी मौजूद थे। कार्यक्रम में राजदीप सरदेसाई ने हैरान करने वाला खुलासा किया।
इंडियन एक्सप्रेस ने सरदेसाई के हवाले से लिखा कि गुजरात दंगों के बारे में बात करते हुए एक वरिष्ठ जज उनसे कहा था, 'ये जो मुसलमान है, वो बदलेगा नहीं। इसके साथ यही होना था।' सरदेसाई ने कहा- 'काश उस समय मेरे पास कैमरा होता।' उन्होंने दावा किया कि गुजरात के रहने वाले इन जज ने देश के दो सबसे बड़े दंगों की जांच के आयोग की अध्यक्षता की। एक बार इन्हें कांग्रेस ने नियुक्त किया तो दूसरी बार बीजेपी ने।
कार्यक्रम में पत्रकार हरतोष सिंह बल ने भी उसी जज के बारे में दावा किया कि उन्होंने 'बुचर ऑफ त्रिलोकपुरी' को यह कहते हुए छोड़ दिया था कि उन्होंने महिलाओं को नहीं मारा। वहीं, राणा अयूब ने भी में दावा किया है कि कई अधिकारियों ने 2002 दंगों और फर्जी मुठभेड़ों में राजनीतिक दबाव की बात कही थी।
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इंडियन एक्सप्रेस ने सरदेसाई के हवाले से लिखा कि गुजरात दंगों के बारे में बात करते हुए एक वरिष्ठ जज उनसे कहा था, 'ये जो मुसलमान है, वो बदलेगा नहीं। इसके साथ यही होना था।' सरदेसाई ने कहा- 'काश उस समय मेरे पास कैमरा होता।' उन्होंने दावा किया कि गुजरात के रहने वाले इन जज ने देश के दो सबसे बड़े दंगों की जांच के आयोग की अध्यक्षता की। एक बार इन्हें कांग्रेस ने नियुक्त किया तो दूसरी बार बीजेपी ने।
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कार्यक्रम में पत्रकार हरतोष सिंह बल ने भी उसी जज के बारे में दावा किया कि उन्होंने 'बुचर ऑफ त्रिलोकपुरी' को यह कहते हुए छोड़ दिया था कि उन्होंने महिलाओं को नहीं मारा। वहीं, राणा अयूब ने भी में दावा किया है कि कई अधिकारियों ने 2002 दंगों और फर्जी मुठभेड़ों में राजनीतिक दबाव की बात कही थी।
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