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रजत शर्मा का डीडीसीए सफाई अभियान शुरू, उपाध्यक्ष राकेश बंसल को तत्काल प्रभाव से हटाया

Wed, 20 Nov 2019 06:46 PM IST
आसिम खान अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Wed, 20 Nov 2019 06:46 PM IST
सार

  • राकेश बंसल के हटाए जाने के बाद डीडीसीए में और विकेट गिरने की संभावना
  • 27 नवंबर को ओमबड्समैन की अदालत में होगी अगली सुनवाई

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Rajat Sharma removed DDCA vice-president Rakesh Bansal from post with immediate effect
रजत शर्मा (फाइल फोटो)

विस्तार

अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद फॉर्म में आए रजत शर्मा ने डीडीसीए में सफाई अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को काम पर लौटते ही उन्होंने डीडीसीए के उपाध्यक्ष राकेश बंसल को 'अयोग्य' घोषित कर उनके ऑफिस आने और काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। राकेश बंसल के खिलाफ एक आपराधिक केस में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। उन पर गाजियाबाद पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में चार्जशीट दाखिल किया है। 

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रजत शर्मा के डीडीसीए से इस्तीफा देने के पीछे इस विवाद को अहम कारण बताया जा रहा था। राकेश बंसल पर कड़ी कार्रवाई किए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि बंसल कैंप के कुछ और लोगों के विकेट जल्दी ही गिर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह कहानी लंबे समय से चल रही थी। राकेश बंसल के खिलाफ आपराधिक मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सामने आने के बाद अध्यक्ष रजत शर्मा उन्हें पद से हटाना चाहते थे। 
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लेकिन डीडीसीए का दूसरा खेमा उन्हें उपाध्यक्ष बनाए रखने के पक्ष में था। दोनों ग्रुपों में तनातनी ज्यादा बढ़ जाने के बाद विरोधी खेमे ने डीडीसीए की अपेक्स काउंसिल के 16 में से नौ डायरेक्टरों को साथ लेकर एक बैठक की। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए रजत शर्मा को डीडीसीए की रोजाना कार्रवाई में दखल देने से रोक लगा दिया था। गत 13 नवंबर के इस निर्णय की जानकारी सामने आते ही नाराज रजत शर्मा ने 16 नवंबर को अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। 
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उनके साथ डीडीसीए के सीईओ रविकांत चोपड़ा और तीन अन्य सदस्यों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे राकेश बंसल खेमे पर दबाव बढ़ गया। रजत शर्मा और अन्य के इस्तीफे के बाद अपेक्स बॉडी के कुछ डायरेक्टरों ने डीडीसीए के ओमबड्समैन बीडी अहमद के पास अपील की। जम्मू-कश्मीर के हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश रहे बीडी अहमद ने मामले की पूरी सुनवाई की और अगले 27 नवंबर तक के लिए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद ही रजत शर्मा अपने काम पर वापस आए।

इधर, राकेश बंसल ग्रुप ने मंगलवार 19 नवंबर को एक मीटिंग की। इस मीटिंग में दूसरे खेमे के नौ डायरेक्टर शामिल थे। इनमें राकेश बंसल के अलावा सेक्रेटरी विनोद तिहारा (इस समय निलंबित, लेकिन निलंबन पर विवाद), अपूर्व जैन, प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर संजय भारद्वाज,  नितिन गुप्ता, आलोक मित्तल, शिवानंद शर्मा, ज्वाइंट सेक्रेटरी राजन मनचंदा और रेनू खन्ना शामिल थीं। इस बैठक में बाद में दिल्ली सरकार द्वारा नामित सदस्य राकेश कुमार भी शामिल हुए। माना जा रहा है कि वे भी इस ग्रुप के साथ हैं।  

मंगलवार की इस मीटिंग में राकेश बंसल को एक्टिंग प्रेसीडेंट बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। डायरेक्टर शिवनंदन शर्मा ने उनके नाम का प्रस्ताव दिया जिस पर बाकी सभी सदस्यों ने भी सहमति जाहिर कर दी। इसके अलावा साथ ही कुछ डायरेक्टरों पर चल रहे कुछ विवादों को भी वापस लेने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। इसके अलावा ओमबड्समैन के कार्यकाल पर गलत राय देने के आरोप में डीडीसीए के कानूनी सलाहकार को भी हटाने का प्रस्ताव किया गया। नए प्रस्ताव में डीडीसीए में दो कानूनी सलाहकार रखने पर सहमति व्यक्त की गई।

अभी पिक्चर बाकी है

राकेश बंसल को हटाए जाने के बाद यह मामला और गरमा सकता है। विरोधी खेमे के डायरेक्टर भी इस मामले में अपील करने का मूड बना रहे हैं। इधर, माना जा रहा है कि राकेश बंसल को हटाकर ही रजत शर्मा चुप बैठने वाले नहीं हैं। कुछ अन्य सदस्यों पर भी आपराधिक मामले चल रहे हैं। वे उन पर भी शीघ्र ही कार्रवाई कर सकते हैं।

ओमबड्समैन करेंगे सुनवाई

डीडीसीए के ओमबड्समैन बीडी अहमद ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को निर्धारित की है। माना जा रहा है कि उसके बाद ही डीडीसीए के विवाद का रुख सामने आ सकता है। ओमबड्समैन इसी तारीख को डीडीसीए के एक अन्य बड़े विवाद पर भी सुनवाई करेंगे जो कि कुछ खिलाड़ियों के अधिक उम्र के होने से संबंधित है। 


यह विवाद पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद और डीडीसीए के सदस्य समीर बहादुर के द्वारा सामने लाया गया है। माना जा रहा है कि यह डीडीसीए के इतिहास की अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई होगी क्योंकि इसमें लगभग एक दर्जन खिलाड़ियों के जीवन का फैसला हो सकता है।

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