...तो स्कूटी समेत नाले में समा जाती कॉलेज छात्रा पर बहादुर युवक ने 10 सेकंड में बचा ली जान
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राजस्थान के बूंदी जिले में एक कॉलेज छात्रा स्कूटी समेत नाले में गिर गई। छात्रा नाले में पूरी तरह डूब चुकी थी तभी वक्त रहते पास से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उसकी उंगलियां देख लीं और उसे बाहर निकाला। इस हादसे के पीछे की वजह प्रशासन की लापरवाही बताई जा रही है। अगर कोई उसे नहीं देखता तो उसकी जान जा सकती थी।
बताया जा रहा है कि स्कूटी पर सवार 19 वर्षीय छात्रा अपनी सहेली के घर से नोट्स लेकर लौट रही थी। जब वह चित्तौड़ रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर पहुंची तो उसकी स्कूटी एक घुमावदार नाले में जाकर गिर गई। उसे नाले में डूबता देख आसपास से गुजर रहे लोगों ने देख लिया। उसे नाले से बालों से पकड़कर बाहर निकाला गया। उसकी स्कूटी को नाले से बाहर निकालने में एक घंटा लग गया। लड़की ने हिम्मत दिखाई और बाहर निकलने के बाद अपने पिता को घटना की जानकारी दी। वह तब तक बाहर ही खड़ी रही जब तक उसकी स्कूटी बाहर नहीं निकाल ली गई।
सड़क पर भरा था पानी
छात्रा ने खुद के साथ हुई इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि जब वह अपनी सहेली के घर से लौट रही थी तो चित्तौड़ रोड से लंकागेट की ओर घुमावदार सड़क पर पानी भरा हुआ था। उसने बताया कि उसकी स्कूटी के आगे एक ट्रक चल रहा था तो उसने साइड से निकलने की कोशिश की। जब वह आगे की ओर निकली तो उसे सड़क पर भरे पानी और नाले में अंतर नहीं पता चला और वह स्कूटी सहित नाले में जा गिरी।
पंचायत सहायक ने बचाई जान
हादसे की शिकार छात्रा ने आगे बताया कि वह नाले में पूरी तरह डूब चुकी थी। पानी का बहाव तेज होने के बाद वह ऊपर की ओर आई। स्कूटी पूरी तरह से दलदल में फंसी थी और उसके पैर स्कूटी के पायदान पर थे। जब वह स्कूटी पर खड़ी हुई तभी उसकी ऊंगलियां पानी के ऊपर दिख रही थीं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नाले में कितना पानी भरा था। उसे वक्त रहते एक पंचायत सहायक ने बचा लिया।
लोग बचाने की बजाय बना रहे थे वीडियो
छात्रा आगे बताती है कि उसे सबसे ज्यादा दुख तब हुआ जब वह बुरी हालत में बाहर निकली तो लोग उसका हालचाल पूछने की बजाय उसका वीडियो बना रहे थे। अगर 10 सेकंड भी वह और रहती तो उसे बचा पाना मुश्किल था। वक्त रहते वहां एक पंचायत सहायक आ गया और उसने उसे अन्य लोगों की मदद से बाहर निकाला।
खतरों से भरा है यह नाला
यहां के सभापति का कहना है कि वह जल्द ही रेलिंग लगवाएंगे। इस नाले की बात करें तो इसमें दो नालों का मिलान है। करीब तीन साल पहले एक बस का टायर भी इसमें फंस गया था जो बहुत मुश्किल से बाहर निकाला गया। वहीं बीते साल एक दूध वाला भी इस नाले में गिर चुका है। किसी व्यस्त मार्ग पर इतना बड़ा नाला होना किसी खतरे से कम नहीं है। यह प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है कि बार बार कई हादसे होने के बाद भी इस समस्या का कोई हल नहीं निकाला गया है।